परशुराम आगमन उत्सवों की जोरदार तैयारियां शुरू
मुंबई। विप्र फाउंडेशन की 17 वर्षों की यात्रा में दो प्रमुख ऐतिहासिक प्रकल्प अब पूर्णता की ओर हैं। जयपुर स्थित श्री परशुराम ज्ञानपीठ के लोकार्पण के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में निर्माणाधीन ‘शक्तिपुंज परशुराम—स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ प्रकल्प को भी चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर राष्ट्र को समर्पित करने की तैयारी है। इन दोनों ऐतिहासिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
इसी क्रम में रविवार को मुंबई स्थित सिद्धिविनायक श्री गणेश मंदिर से देव आमंत्रण परिक्रमा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यनारायण श्रीमाली ने बताया कि 20 अक्टूबर तक देव आमंत्रण परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 4 से 24 दिसंबर तक अयोध्या से अरुणाचल प्रदेश स्थित श्री परशुराम कुंड तक आमंत्रण रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा के दौरान देश के 15 प्रमुख शहरों में परशुराम जागृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा, सीए ने बताया कि गुवाहाटी में 17 से 23 दिसंबर तक श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य आयोजन प्रस्तावित है। इसके पश्चात 13 से 15 जनवरी 2027 तक श्री परशुराम कुंड में मेला सेवा शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में ‘शक्तिपुंज परशुराम’ की भव्य प्रतिमा के अनावरण का उत्सव प्रस्तावित है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रतिमा का अनावरण नववर्ष के आरंभ में भव्य समारोह के साथ किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि 14 मार्च 2027 को जयपुर स्थित श्री परशुराम ज्ञानपीठ में दोनों प्रकल्पों के संपूर्ण कार्यों की पूर्णता के उपलक्ष्य में ‘गोविंद आभार आयोजन’ किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय परिषद अधिवेशन-2027 में दोनों प्रकल्पों में सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों का अभिनंदन किया जाएगा। प्रतिवर्ष की भांति इस अधिवेशन में संस्था का ऑडिटेड वार्षिक आय-व्यय विवरण प्रस्तुत एवं अनुमोदित किया जाएगा। इस बार दोनों प्रकल्पों से संबंधित आरंभ से पूर्णता तक का परियोजनावार संपूर्ण एवं समेकित वित्तीय विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वित्तीय विवरण में सार्वजनिक रूप से घोषित अथवा संकल्पित सहयोग राशि तथा वास्तव में प्राप्त सहयोग राशि की स्थिति भी स्पष्ट रूप से शामिल की जाएगी। जनसहयोग से निर्मित श्री परशुराम प्रतिमा से संबंधित संपूर्ण विवरण भी प्रतिवेदन में प्रस्तुत किया जाएगा।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक महावीर प्रसाद शर्मा, मुख्य समन्वयक श्रीकिशन जोशी, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं भाजपा मुंबई प्रदेश के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, विप्र फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुधा श्रीमाली, जोन अध्यक्ष सुरेश नागदा, महिला प्रकोष्ठ जोन अध्यक्ष मंगला पुरोहित, किशन चोटिया, मुंबई नगर अध्यक्ष सुधीर खंडेलवाल, राजेश डिडवानिया, वनिता शर्मा, निर्मला कौशिक एवं प्रेम मिश्र सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उपस्थित पदाधिकारियों ने विप्र फाउंडेशन के दोनों प्रकल्पों को आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य के प्रति समर्पित महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए देशभर के समाजबंधुओं से आगामी आयोजनों में सक्रिय रूप से सहभागी बनने का आह्वान किया।






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