कौवों के बारे में वैज्ञानिकों को क्यों है इतनी दिलचस्पी? वजह सिर्फ उनकी आवाज नहीं है - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

कौवों के बारे में वैज्ञानिकों को क्यों है इतनी दिलचस्पी? वजह सिर्फ उनकी आवाज नहीं है



कौवों को आमतौर पर शहरों और गांवों में आसानी से देखा जा सकता है, लेकिन उनकी बुद्धिमत्ता उन्हें दूसरे कई पक्षियों से अलग बनाती है। कौवे समस्याओं को हल करने, परिस्थितियों से सीखने और अलग-अलग तरीकों से भोजन प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं।


शोध में यह भी पाया गया है कि कुछ कौवे इंसानी चेहरों को पहचान सकते हैं और उनके साथ हुए अनुभवों को याद रख सकते हैं। इसका मतलब है कि वे केवल तत्काल प्रतिक्रिया नहीं देते, बल्कि पहले के अनुभवों से भी सीख सकते हैं। कौवे सामाजिक पक्षी हैं और समूह के दूसरे सदस्यों के साथ अलग-अलग आवाजों और व्यवहार के जरिए संपर्क करते हैं। उनकी समस्या हल करने की क्षमता यह दिखाती है कि पक्षियों की बुद्धिमत्ता केवल उनके आकार या दिमाग के आकार से तय नहीं होती। प्रकृति में कौवे मृत जैविक पदार्थों को खाने और भोजन श्रृंखला में योगदान देने के कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें

Narendra Soni
Click or tap on the image to maximize
Rock n Dhol
Click or tap on the image to maximize
Rise Plus
Click or tap on the image to maximize
Live Telecast
Click or tap on the image to maximize
WhatsApp
Click or tap on the image to maximize
× Enlarged Image ```