रंगिया से अरुणा अग्रवाल
रंगिया - भारतवर्ष के पूर्व प्रधानमंत्री तथा आधुनिक भारत के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी जी के आत्मा की शांति की कामना के साथ बुधवार को रंगिया में एक सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। रंगिया स्थित पी डब्ल्यू डी बंगला प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह 10 बजे वाजपेयी जी की छवि के सामने दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। इस मौके पर विभिन्न दल संगठन के सदस्य, स्वतंत्रता सैनानी, विभिन्न सरकारी अधिकारियों सहित सभी उपस्थित लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात भागवत पाठ, बरगीत, भजन कीर्तन व दोपहर 3.30 बजे से स्मृतिचारण सभा और सायं 5 बजे नाम प्रसंग का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपस्थित राज्य मंत्री भवेश कलिता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रति गभीर श्रद्धांजलि निवेदन कर कहा कि वाजपेयी जी के निधन से देश को एक बड़ी क्षति हुई है जो कि कभी पूरी नहीं की जा सकती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्वांचल के प्रति वाजपेयी जी के हृदय में आंतरिकता थी। असम तथा उत्तर पूर्वांचल के विकास के लिए विभिन्न योजनायें हाथों में लेने वाले अटल बिहारी वाजपेयी जी देश के प्रथम प्रधानमंत्री थे। ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर, डोनर मंत्रालय, बोगिबिल दुलंग आदि असम के लिए उनका उत्कृष्ट उपहार है। असम चिकित्सा महाविद्यालय के विकास के लिए वाजपेयी जी ने अपने प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में 100 करोड़ रुपए की विशेष पूंजी प्रदान की, उनकी सदीक्षा में सन् 2003 मे ऐतिहासिक बोड़ो समझौता स्वाक्षरित हुआ। असम के प्रथम मूख्यमंत्री गोपीनाथ बरदळै को भारत रत्न प्रदान करने के क्षेत्र में भी बाजपेयी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभा में मंत्री भवेश कलिता ने आगे कहा कि वाजपेयी जी एक स्वप्न द्रस्टा के रूप में थे, जिन्होंने शिक्षा स्वास्थ्य प्रतिरक्षा, यातायात व्यवस्था की उन्नति के लिए कार्य व्यवस्था हाथों में ली थी। सर्वशिक्षा अभियान मिशन, पोखरण परमाणु परीक्षण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, फोरलेन हाईवे आदि उनकी दूरदर्शी चिंता भावना का सुफल परिणाम है। अटल बिहारी वाजपेयी एक सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री के रूप में परिलक्षित हुए हैं। राष्ट्र संघ मे सात बार भाषण देकर सभी का मन मोह लेने वाले वाजपेयी जी की सतता, धर्मनिरपेक्ष भावमूर्ति, वलिष्ठ नेतृत्व और सरल जीवनशैली युग युगान्तर तक देश की जनता को उनके आदर्श और कर्मजीवन की बातें याद दिलाती रहेगी। मंत्री भवेश कलिता ने कहा कि वाजपेयी जी का साहित्य मे भी उच्च स्थान था, जिनकी कविताधारा लोगों को एक स्वप्न जगत मे ले जाती है जहाँ सिर्फ प्रेम और भातृत्व और शांति का भाव होता है। आयोजित इस स्मृतिचारण सभा मे विशिष्ठ स्वतंत्रता सैनानी कृष्ण लहकर, विशिष्ठ शिल्पी नरेन शर्मा, रंगिया के महकमाधिपति मुनीन्द्र बरदलै, महकमा पुलिस अधिकारी सुमित शर्मा, रंगिया के निर्वाचन अधिकारी रिपन ज्योति नाथ, चक्राधिकारी इमालि बरुआ, विशिष्ठ समाजसेवक अक्षय सिंह लहकर सहित बहुत से विशिष्ठ लोगों ने सभा मे वाजपेयी जी को स्मरण करते हुये अपने विचार रखे।
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