नापासर से संपत मिश्र
आध्यात्मिक धारा को बहाने में तो प्रवासी मारवाड़ी अग्रणी रहे है - रिणवा
बाबा ने समरसता का प्रभाव पैदा किया था - दिलावर सिंह
भजन संध्या में मुख्य आकर्षण लोक गायक बद्री व्यास व गायिका मिलन नेवार रहे
नापासर - (5 सितम्बर) - असम के लोग जिंदादिल जीवन जीते हैं। वहां प्रेम और भाईचारा बहुत अधिक है। आध्यात्मिक धारा को बहाने में तो प्रवासी मारवाड़ी अग्रणी रहे है। असम में बसे मारवाड़ियों के प्रति यह प्रशंसा भरे शब्द राजस्थान की देवस्थान विभाग के मंत्री राजकुमार रिणवा ने नापासर में बाबा रामदेव पैदल यात्रा सेवा संघ की रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष में मुख्य अतिथि के रुप में कहीं। उन्होंने आगे कहा कि आज का आयोजन एक ऐतिहासिक आयोजन है, राजस्थान की धरती पर राम और कृष्ण के जैसे अवतार नहीं हुए हैं कारण इस धरती पर कोई रावण या कंस नहीं जन्मा। यहां तो सामाजिक समरसता के लिए बाबा रामदेव, गोगा पीर, तेजा जैसे अवतार हुए। रिणवा ने भीड़ में धार्मिक लहर को देखते हुए वीर तेजा जी का एक भजन भी गाकर सुनाया। गौरतलब है कि यह आयोजन बाबा रामदेव पैदल यात्रा सेवा संघ गुवाहाटी असम का नापासर से रामदेवरा तक 25वीं पैदल यात्रा एवं जल सेवा की रजत जयंती के उपलक्ष में नापासर में आयोजित किया गया है। जिसमें जोरहाट के खेतान और गट्टानी परिवार की मुख्य भूमिका रही है। संघचालक स्वर गंगा म्यूजिकल ग्रुप के प्रसिद्ध लोक गायक बद्री व्यास के अलावा शांतिलाल महनोत, निर्मल बैद ने कार्यक्रम की सारी व्यवस्था संभाल रखी थी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री दिलावर सिंह ने कहा बाबा ने समरसता का प्रभाव पैदा किया था। उस जमाने मे एक आदमी दूसरे आदमी की छाया को अपने ऊपर नही पड़ने देता था। कारण उस समय जाति-पाति, छुआ-छूत का बोळ बाळा अधिक था। उस समय रामदेव बाबा मैं घर घर में जाकर सबको गले लगाया। बाबा रामदेव की कृपा से ही आप और हम आज सभी जाति के भेदभाव को भुलाकर एक साथ यहां बैठे हैं। इससे पहले रामदेवरा मंदिर से जोत लेकर ओमप्रकाश गुसाईं ने मंच स्थापना किया। इस अवसर पर उनके साथ नवल किशोर मोर और सिद्धार्थ मोर भी उपस्थित थे। सम्मान सत्र मे आंखों पर पट्टी बांधकर कुछ ही क्षणों में साफा बांधने को प्रसिद्ध महेंद्र सिंह बसा ने राजकुमार रिणवा को साफा बांध कर सबको आश्चर्य चकित कर दिया ।
जोधपुर के कलाकार महेंद्र सिंह पवार की गणेश वंदना से भजन संध्या की शुरुआत हुई भजन संध्या का मुख्य आकर्षण लोक गायक बद्री व्यास व नेपाल फिल्म इंडस्ट्री की गायिका मिलन नेवार रहे। दुर्गा परिहार और महादेव प्रजापति के नत्य ने सबको मोह लिया। 80 वर्षीय राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त शंकर सिंह सिसोदिया ने बाबा का निशान ध्वज माथे पर ले कर नृत्य किया। राजस्थानी फिल्मी कलाकार नूतन गहलोत ने सुगना की पुकार गीत पर नृत्य करके सब को भाव विभोर कर दिया। देर रात तक चलने वाले इस भजन संध्या कार्यक्रम में सुरेंद्र सिंह, महादेव प्रजापत, नीलू जोशी, ताराचंद माली, राजेश चौहान एवं कई कलाकारों ने सवेरे तक दर्शकों को बांधे रखा।
असम के प्रसिद्ध उद्योगपति रतन शर्मा, गुवाहाटी नगर निगम के पूर्व पार्षद राजकुमार तिवारी, एरिया सभा के पूर्व सदस्य नवल किशोर मोर, नारायण नरूका, ओम प्रकाश दाहिमा, सुभाष स्वामी, निर्मल तिवारी, पत्रकार राजकुमार शर्मा, संपत मिश्र, नापासर ग्राम पंचायत के सरपंच चंपा लाल ओझा, गुवाहाटी के कन्हैयालाल पीपलवा, रामदेवरा के रामचंद्र गुसाईं ने असमीया गमछा व त्रिपुरा के गमछा से रिणवा का अभिनदन किया।
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