गुवाहाटी - पद्मेश इंस्टीट्यूट आफ वेदिक साइंस कानपुर और होटल राजमहल गुवाहाटी के सौजन्य से 70 वां राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन दो दिवसीय कार्यक्रम के साथ शुरू हो रहा है। इस अवसर पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में देहरादून से पधारे प्रसिद्ध ज्योतिष के ए दुबे पद्मेश ने कहा कि गुवाहाटी में यह अधिवेशन तीसरी बार आयोजित होने जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से ज्योतिष के प्रति अंधविश्वास, आम व्यक्तियों का ज्योतिष से लाभ तथा राष्ट्र के हितों में ज्योतिष की भूमिका विषय पर चर्चा की जाएगी। बाढ़-सूखे के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। ज्योतिष अपने पंचांग में किस वर्ष सूखा पड़ेगा और किस वर्ष बाढ़ से तबाही आएगी आदि भविष्यवाणियां कर देता है। अगर इन भविष्यवाणी को सरकार गंभीरता से ले तो समस्या आने से पहले बहुत कुछ बचाया जा सकता है। शुभ अशुभ मुहूर्त सब दूसरे के विपरीत फलदाई होते हैं। अतः मुहूर्त की महत्ता को समझाने के लिए हम सभी ज्योतिष यहां एकत्र हुए हैं। श्री दुबे ने आगे बोलते हुए कहा कि सन 2019 में कौन प्रधानमंत्री बनेगा यह भी ज्योतिष गणना के माध्यम से बताया जाएगा। ज्योतिष विद्या संरक्षण के ऊपर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के समय ज्योतिष संकट में आ गया था। उस समय से लेकर आज तक क्षेत्रीय ज्योतिषियों ने इसे संरक्षण कर जिंदा बनाए रखा। जैन मुनियों ने भी ज्योतिष को धरोहर के रूप में संजो कर रखा है। जैन ग्रंथों में ज्योतिष को जैन मुनियों ने महत्वपूर्ण स्थान दे कर के रखा है। बंगाल के समाज ने भी ज्योतिष को जिंदा रखने में यह अहम भूमिका निभाई है। क्षेत्रीय ज्योतिषो ने भी इसके संरक्षण मे अहम भूमिका निभाई है। अंग्रेजों के कारण हिंदी भाषी राज्यों में ज्योतिषियों को हानि पहुंची थी। अंग्रेजों के डर से हिंदी भाषी प्रांतों के ज्योतिष बंगाल और उड़ीसा की तरफ पलायन कर गए थे। ज्योतिष की गरिमा के विषय में बोलते हुए श्री दुबे ने पत्रकारों को बताया कि ज्योतिष का थोड़ा सा ज्ञान होते ही लोग ज्योतिषाचार्य बन जाते हैं। इससे समाज और देश को नुकसान पहुंचता है। जिस तरह डॉक्टर, इंजीनियर और पत्रकार बनने के लिए उचित शिक्षा और सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, उसी तरह ज्योतिष के क्षेत्र में भी उचित शिक्षा और सरकारी मान्यता प्राप्त डिग्री संबंधित एक अध्यादेश पारित करने के लिए हम सरकार से अनुरोध करेंगे। जल्द ही हम दिल्ली के आसपास ज्योतिष रिसर्च सेंटर बनाने जा रहे हैं। असम सरकार अगर सहयोग करें तो असम में भी ऐसा सेंटर खोला जा सकता है। दो दिवसीय अधिवेशन के कार्यक्रम के बारे में बताते हुए श्री दुबे ने कहा 22 सितंबर को 10:30 बजे होटल राज महल में इसका उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसी दिन खास लोगों के लिए ज्योतिष आचार्यों के साथ अपनी समस्याओं पर चर्चा करने की व्यवस्था रहेगी। तथा 23 सितंबर को आम लोगों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी। अधिवेशन में मुख्य रूप से बनारस के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्योतिष सलाहकार डॉक्टर कामेश्वर उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। असम के प्रसिद्ध ज्योतिषविद रामा गोस्वामी को ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा प्रदान करने के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय ज्योतिष कमल चंद भूरा के अलावा देश विदेश से 26 महान ज्योतिषाचार्य इस अधिवेशन में उपस्थित रहेंगे। गीतानंद सरस्वती पांव की बनावट देखकर भविष्य बताएंगे तथा कैप्टन लेखराज शर्मा हाथों की लकीर से भविष्य बताएंगे। दिल्ली के पुनीत भोला असली यंत्र और जेम्स के बारे में जानकारी देंगे एवम् महिला ज्योतिष जया मदान अंक ज्योतिष पर चर्चा करेगी। हेदराबाद के वीरास्वामी वास्तु से संबंधित चर्चा करेंगे। अरुण बंसल कम्प्यूटर के जरिए दशा-महादशा बतायेगे। बालीबुड के सितारों के चहेते ज्योतिष शैलेंद्र पाण्डे व महाकालेश्वर उज्जैन के माधव कांती मिश्र व मात्रान मुण्डी भी उपस्थित रहेंगे। पत्रकार सम्मेलन में सुनील सेठिया, यश जैन, श्याम सुंदर गुप्ता और संतोष गाड़ोदिया भी मंच पर उपस्थित थे।
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70 वां राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन का शुभारंभ 22 को; संवाददाता सम्मेलन आयोजित
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