सुनील कुमार सेठी
गुवाहाटी - दिगंबर जैन मंदिर फैंसी बाजार में परम पवित्र पर्युषण पर्व का छठवां दिन था| आज के दिन उत्तम संयम धर्म की आराधना अत्यंत भक्ति भाव पूर्वक की गई| प्रातः काल शांतिधारा की मंत्रोच्चारण ध्वनि में उपस्थित श्रद्धालु भक्तों के मन में धार्मिक भावना जागृत की| 10 धर्म की सामूहिक पूजा एवं 16 कारण भावनाओं की पूजा के कारण लोगों में संयम के प्रति जागरूकता पैदा हुई| अपने सांध्यकालीन प्रवचन में सांगानेर से पधारे पंडित किरण प्रकाश शास्त्री ने संयम धर्म को व्याख्यायित किया| संयम को परिभाषित करते हुए किरण प्रकाश जी ने कहा कि आत्म नियंत्रण ही संयम है| संयम मुक्ति का द्वार है, दुखों से छूटने का उपाय है| अपनी बात को स्पष्ट करते हुए किरण प्रकाश जी ने कहा कि इंद्रिय भोग संयम को भंग कर देती है| आज समाज खानपान में, व्यवहार में अत्यंत असंयमित व स्वेच्छाचारी होता जा रहा है| खानपान में समय असमय का ध्यान नहीं है| उन अभाव में जीवन में आनंद की प्राप्ति नहीं हो सकती| प्रवचन के पश्चात प्रश्न मंच का कार्यक्रम आयोजित किया गया| प्रातः श्री जी की शांतिधारा करने का सौभाग्य मूलचंद अभिषेक कुमार छाबड़ा को सपरिवार एवं भंवरी लाल सुमेरमल को सपरिवार प्राप्त हुआ| तत्पश्चात नीचे की वेदी में श्री जी की आरती अत्यंत भक्ति भाव पूर्वक धूमधाम से संपन्न की गई| कुचामन से पधारे संगीतकार अजीत जैन के सुमधुर भजनों को सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए| यह जानकारी प्रचार प्रसार विभाग के सुनील कुमार सिटी द्वारा दी गई है|








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