सुनील कुमार सेठी
गुवाहाटी, 23 सितम्बर - प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी रविवार को भादव शुक्ल चतुर्दशी के अवसर पर श्री दिगंबर जैन (बड़ा) मंदिर में अनंत चतुर्दशी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रातः 5:45 बजे सामूहिक शांतिधारा, नित्य नियम पूजन के उपरांत मंडल विधान की पूजा पंडित किरण प्रकाश जी के सानिध्य में किया गया। पर्यूषण पर्व के दसवे दिन अकिंचन्य एवं ब्रह्मचर्य की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि अकिंचन्य एवं ब्रह्मचर्य की उपलब्धि स्वयमेव हो जाती है। दशलक्षण पर्व भी ऐसा ही पर्व है जो इंसान के जीवन की सारी गंदगी बाहर करता है। इस मौके पर दोपहर 1:00 बजे श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर रथ पर श्री जी को विराजमान करने का सौभाग्य तिलोकचंद नेमीचंद छाबड़ा को सपरिवार प्राप्त हुआ। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए पुनः महावीर धर्म स्थल पहुंची जहां श्री जी का कलशाभिषेक किया गया। शोभा यात्रा में जैन यूथ फेडरेशन के सभी सदस्यों ने अपना सहयोग प्रदान किया। शाम को आरती के पश्चात विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि इस बार कुल 69 लोगों ने दशलक्षण व्रत किया एवं 10 लोगों ने सोलहकारणजी के 16 दिनों का व्रत किया। इन सभी वृत्ति भाई बहनों का अभिनंदन रविवार 23 सितंबर को शाम 7:00 बजे स्थानीय एमएस रोड स्थित श्री महावीर धर्मस्थल में किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों के अलावा काफी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे। आज प्रातः श्री जी का प्रथम कलश करने का सौभाग्य जाई कुमार भागचंद आलोक जैन काला को सपरिवार प्राप्त हुआ। तत्पश्चात श्री जी को प्रथम शांति धारा करने का सौभाग्य झूमरमल पन्नालाल गंगवाल को सपरिवार एवं द्वितीय शांति धारा करने का सौभाग्य श्री नारायण पवन कुमार मानिकचंद बड़जात्या को सपरिवार प्राप्त हुआ।











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