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भागवत कथा में गोवर्धन पूजा के साथ हुए छप्पन भोग के दर्शन


शिलांग से सुशील दाधीच

शिलांग, 31 अक्टूबर । श्री श्रीहरिनाम संकीर्तन प्रभात फेरी मंडल के तत्वावधान मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथा व्यास आचार्य संत श्री डा. रामकृपाल त्रिपाठी जी ने मधुरवाणी वाणी श्रीमुख से गोवर्धन पूजा की दिव्य कथा विस्तार पूर्वक सुनाई। जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्त भाव विभोर हो गए। कथा व्यास ने बाल कृष्ण की अनेकों बाल लीलाओं का वर्णन करने के पश्चात गोवर्धन पूजा एवं इन्द्र के मान मर्दन की दिव्य कथा विस्तार से सुनाई। इस अवसर पर भगवान गिरिराज जी महाराज के समक्ष सुंदर छप्पन भोग के दर्शन कराये गये। उन्होंने यह भी बताया कि जहां सत्य एवं भक्ति का समन्वय होता है, वहां भगवान का आगमन अवश्य होता है। गाय की सेवा एवं महत्व को समझाते हुए बताया कि प्रत्येक हिन्दू परिवार में गाय की सेवा अवश्य होनी चाहिए। क्योंकि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गाय का दूध अमृत के समान बताया। गोवर्धन भगवान की पूजा सभी भक्तों को आचार्य द्वारा विधि विधान से कराई गई। कथा व्यास ने अपने सुरीले कंठ से संगीत की मधुर स्वर लहरियों पर मैं तो गोवर्धन कूं जाऊं मेरे वीर नांप मानै मेरो मनुवा, श्री गोवर्धन महाराज-महाराज तिहारे माथे मुकुट विराज रयौ आदि अनेकों मनमोहक भजन सुनाकर भक्तों को झूमने एवं नृत्य करने को विवश कर दिया। पांचवें दिन की कथा मे लोग उमङ पड़े जानकारी के अनुसार इस प्रभात फेरी मंडल का गठन करीब एक साल पहले हुवा था जो निरंतर चल रही है लोग सुबह-सुबह राम नाम की रट के साथ मुख्य मार्गो की फेरी करते है ओर इस प्रभात फेरी को सुख ओर शाति का प्रतिक मानते है । यह भागवत कथा भगवान् के आदेशानुसार हो रही है जिसमे सभी का सहयोग शामिल है  दिनांक  2 नवम्बर को कथा सम्मापन के बाद शाम 7 बजे से महाप्रसाद भंडारे का आयोजन भी होगा अतः बाकी दो दिनो की कथा का रसपान करने के ज्यादा से ज्यादा संख्या मे शामिल होकर पुन्य कमाने के लिए प्रभात फेरी मंडली ने पुन्य कमाने का आग्रह किया।

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