शिलांग से सुशील दाधीच
शिलांग, 16 नवम्बर । शिलांग शहर की उथल-पुथल धरा के बीचोंबीच से प्रवेश करते हुऐ किनारे पर स्थित श्री शिलांग गौशाला अपना परचम लहराते हुए सभी भक्तो को अपनी आशिर्वाद स्वरूप आवाज लगाती है। आओ भक्तो आओ गायो की रंभाती आवाज वातावरण को शुध्द करते हुए पाप का विनाश कर रही है। आज गुरूवार को सुबह गौशाला प्रांगण मे श्री गणेश वंदना एवं गो पुजन किया गया। हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यहा पर मेले का आयोजन किया गया जिसमे हर समुदाय के परिवार शामिल हुए और गाय माता को गुड़, घास, रोटी खिलाकर पुन्य कमाया। इस अवसर पर कार्यकारिणी के सभी कार्यकार्ताओं ने भरपूर सेवा दी। इस मेले की तैयारी के लिए सभी ने कड़ी मेहनत भी की। सन् 1990 से 2010 तक की कार्यकारिणी मे अध्यक्ष रह चुके ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया की हमारे समय मे भी यहा पर काफी समस्या थी जिसका हमने सामना भी किया ओर हर समस्याओ का मुकाबला करते हुए गौशाला को बचाया था। उन्होंन वर्तमान समिति के सभी युवा टीम की प्रशंसा करते हुए कहा की इस कमेटी ने गौशाला को आगे बढाने के लिए काफी मेहनत ओर प्रयास किये है। ओमप्रकाश अग्रवाला ने सभी को गोपाष्टमी की शुभकामनाऐ देते हुए कहा की गो पालन गो सेवा से मानवता की सेवा गो माता से मिल जाता है। हर मेवा गो माता की सेवा से मिलता है। जीवन के उजियारे के लिए हर घर मे गो पालन होना चाहिए। मेले मे शामिल हुए सभी लोगो ने निडर होकर बड़ी खुशियो के साथ गाय माता के दर्शन करते हुए मेले का लुप्त उठाया। समिति के कार्यकर्ताओं ने जानकारी देते हुए बताया की गो सेवा मे किसी का कोई निजी स्वार्थ नही है। अगर हमारे से कुछ गल्ती होती है तो हमे अवगत कराये ताकी हम उसमे सुधार कर सके। आज मेले के अवसर पर लाटरी भी खेली गई ओर हाऊजी खेल का आयोजन भी किया गया। हाऊजी खेल के दौरान दीपक जालेवा ओर आनंद जी ने बताया की हाऊजी खेल सामान्य ज्ञान ओर बच्चो को आगे बढाकर हौसला बुलंद करने का खेल है। वर्तमान मे इस गौशाला मे 80 से 85 गाय है जिसमे काफी गाये दुधारू है जिसमे रोजाना 220 लिटर शुध्द दुध उत्पादन होता है जो समाज के लगभग घरो मे उचित दर मे वितरण होता है। यहा पर देशी गाये ओर बछङे भी है ओर तीन देशी गाये राजस्थान से मंगवाई गई है। समिति ने बताया की इस गौशाला के लिए हर समय बुजुर्गो का आशीर्वाद और समाज का सहयोग समय-समय पर मिला है। सभी के सहयोग से आज हमारे समाज की यह गौशाला दिन प्रतिदिन अग्रसर हो रही है और हमे आशा है की बहुत जल्दी सभी के सहयोग से यह गौशाला प्रांगण भव्य रूप मे बदलने की आशा व्यक्त करती है। समाज के कुछ लोगो ने शिलांग मे गाय माताओ की सेवार्थ के लिए श्रीमद् भागवत कथा कराने बाबत भी विचार-विमर्श करते हुए कहा की गायो के लिए भागवत कथा करवाना बहुत बड़ा पुन्य का कार्य होगा जो समिति को अग्रणी होकर कथा का आयोजन करवाना चाहिए। श्री शिलांग गौशाला के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मेले मे आये हुए सभी भक्तो को धन्यवाद देते हुए प्रशंसा की।










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