गुवाहाटी, 19 नवम्बर । भारत-तिब्बत सहयोग मंच और हिमालय परिवार के सौजन्य से 400 से अधिक सदस्यो का दल आज तवांग यात्रा पर रवाना हुआ। वर्षापाड़ा स्थित स्टेडियम में असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश कुमार, राष्ट्रीय सचिव पंकज गोयल, महामंडलेश्वर यतींद्र नाथ ने तिरंगा लहरा कर यात्रियों को रवाना किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि तवांग के इतिहास का बहुत महत्व है और यह भारत की अखंडता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। हिमालय में देवताओं का निवास है और हिमालय की पवित्र हवा उत्तर पूर्व और भारत को सुगंधित करती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत के साथ तिब्बत का आध्यात्मिक संबंध को कभी भी सीमा से मापा नहीं जा सकता। जब तक हिमालय मौजूद है तब तक भारत और तिब्बत तवांग तथा हिमालय परिवार के साथ संबंध साझा करते रहेंगे। हिमालय परिवार के प्रांतीय अध्यक्ष मनोज सराफ ने कहा कि भारत तिब्बत सहयोग मंच की यह सातवीं यात्रा है। सिंधु दर्शन की तर्ज पर इसे इंद्रेश कुमार के प्रयासों से शुरू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चीन को यह बता देना है कि तवांग-बुमेला अंचल के बाशिंदे अकेले नहीं हैं। सारा देश उनके साथ है। चीन अपनी दीवार के अंदर रहकर हमारी कब्जा की हुई जमीन हमें वापस लौटा दे।









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