गुवाहाटी, 1 नवम्बर । असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में नाम शामिल कराने के लिए दावे और आपत्तियां दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी तारिख 15 दिसंबर तय कर दी है। इसके अलावा दावेदारों को 15 जनवरी तक नोटिस जारी किए जा सकेंगे और दस्तावेजों के सत्यापन की अंतिम तिथि एक फरवरी होगी। इससे पहले दावें और आपत्ति दर्ज कराने का समय 25 नवंबर तक था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों की परेशानी को देखते हुए मियाद बढ़ा दी है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनआरसी के लिये दावा करने वालों को उन पांच दस्तावेजों का सहारा लेने की भी अनुमति दे दी जिन पर पहले एनआरसी ने आपत्ति की थी। इससे पहले सिर्फ 10 दस्तावेजों को मान्यता दी गई थी।
कोर्ट ने जिन पांच दस्तावेजों को नागरिकता के पहचान के तौर पर मान्यता दी है, उनमें 1951 की एनआरसी लिस्ट, 1956 की वोटर लिस्ट, 1971 की वोटर लिस्ट, 1971 तक का शरणार्थी पंजीकरण सर्टिफिकेट और 1971 तक जारी किए गए राशन कार्ड हैं। इन पांच दस्तावेजों को मान्यता देने को लेकर पहले राष्ट्रीय पंजी के को-ऑर्डिनेटर ने आपत्ति की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आज इनको मान्यता दे दी। इससे पहले 10 दस्तावेजों को ही नागरिकता के सबूत के तौर पर मान्यता दी गई थी। असम में एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट 30 जुलाई को जारी हुआ था। इस लिस्ट में 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोग ही शामिल हैं। इस लिस्ट से 40 लाख 70 हजार लोग बाहर हैं। इस लिस्ट को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा।








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