श्रीहरि सत्संग समिति के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को श्रीकृष्णा कथा में किया आमंत्रित - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

श्रीहरि सत्संग समिति के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को श्रीकृष्णा कथा में किया आमंत्रित


गुवाहाटी, 1 नवम्बर । वनबंधु परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार बजाज के नेतृत्व में श्रीहरि सत्संग समिति के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी से भेंट कर आगामी 7 से 11 जनवरी तक होने वाली विराट श्रीकृष्णा कथा के उद्घाटन हेतु आमंत्रित किया और उन्हें संस्था के साहित्य किट भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में बनबंथु परिषद के पूर्वाचल क्षेत्र के चेयरमैन सुभाष अग्रवाल, श्रीहरि सत्संग समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश लाहोटी, उपाध्यक्ष श्यामसुंदर सारडा, संरक्षक अजीत कुमार जाना, परिषद के गुवाहाटी चैप्टर के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, सचिव नरेश अग्रवाल शामिल थे।

राज्यपाल ने श्रीकृष्ण कथा के उद्घाटन कार्यक्रम में भागीदारी के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि उन तिथियों में कोई विशेष प्रयोजन नहीं रहा तो सहभागिता का प्रयास अवश्य रहेगा। श्रीकृष्ण कथा राष्ट्रीय संत पूज्य स्वामी गोविन्द देवगिरि महाराज, मुंबई के मुखारविंद से संपन्न होगी। स्वामी गोविंद देवगिरिजी काशी में भारतीय एवं पाश्चात्य दर्शन शास्त्र जैसे गूढ विषयों का अध्ययन कर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से 'आचार्य' की उपाधि ली है । वे देश -बिदेशा में विभिन्न स्थानों पर भगवत्-कथामृत से औत -प्रोत वैदिक एबं समस्त धार्मिक विषयों पर जनमानस को आध्यात्मरस का पान करा रहे हैं।

पांच दिवसीय श्रीकृष्ण कथा के दौरान कई राजनीतिक, आध्यात्मिक व सामाजिक विशिष्ट व्यक्ति सहभागिता करेंगे। इस कथा हेतु आयोजन समिति का भी गठन किया गया है। कथा की तैयारियों के लिए आयोजन समिति की पहली बैठक 28 नवंबर को माहेश्वरी भवन में होगी। श्रीहरि सत्संग समिति हिदू संस्कृति के प्रचार -प्रसार में उल्लेखनीय कार्य कर रही है समिति द्वारा वनवासी समाज में शिक्षा, संस्कार, अध्यात्म, स्वाभिमान, जागरण व भगवत शक्ति के प्रति श्रद्धा का भाव जागृत किया जा रहा है । यह ‘धार्मिक संस्था ही नहीं बल्कि राष्ट्रवाद का एक आंदोलन है। गुवाहाटी सेंट्रल जेल में कथा कार्यक्रम के बाद जेल में रह रहे लोगों में बढ़ती रुचि को देखते हुए जेलों में कथा कार्यक्रम को प्राथमिकता दी जा रही है। कथा के दौरान जहां विभिन्न "धार्मिक संस्थानों के प्रमुखों, पूर्वाचल की समग्र जनजातियों के धर्मगुरुओं, सत्राधिकारों के साथ बैठक होगी, वहीं सांगठनिक कार्यों को गति देने के लिए 8 व 9 जनवरी, 2018 को समन्वय वर्ग का आयोजन होगा । इसमें सभी भाग, अंचल एवं संच समिति के पदाधिकारियों समेत सेवाव्रति कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। समन्वय वर्ग में संगठन की विविध योजनाओं के क्रियान्वयन तथा भावी कार्ययोजना की तैयारियों पर चर्चा होगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें