गुवाहाटी, 16 नवम्बर । कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के नागरिक संशोधन विधेयक 2016 के खिलाफ 70 संगठनों के साथ असम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन रैलियों के बाद गुवाहाटी में तत्काल प्रभाव से धारा 144 लगा दी गयी है। पुलिस उपायुक्त हरेकृष्ण नाथ ने यह सुचना दी। नाथ ने कहा कि धारा 144 अगले सूचना तक बरकरार रहेगी। 70 संगठन के लोग शुक्रवार को गुवाहाटी में जनता भवन पहुचेंगे और विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे, इससे पहले प्रशासन ने धारा 144 लगा दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कुलधर साइकिया ने कहा कि प्रशासन कानून तोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ मजबूत कदम उठाती है।
क्या है धारा 144?
सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा 144 शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए लगायी जाती है। इस धारा को विशेष परिस्थितियों जैसी दंगा, लूटपाट, आगजनी, हिंसा, मारपीट को रोककर, फिर से शान्ति स्थापित करने के लिए किया जाता है। इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है जिसके बाद उस तनावपूर्ण इलाके में ये धारा लागू कर दी जाती है।
धारा 144 लागू होने पर क्या होता है?
इस धारा के लागू होने के बाद, उस इलाके में 4 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते और उस क्षेत्र में हथियारों के लाने – ले जाने पर भी रोक लग जाती है। बाहर घूमने पर भी प्रतिबन्ध लगाया जाता है और यातायात को भी इस अवधि के लिए रोक दिया जाता है।
उल्लंघन करने पर सजा का क्या प्रावधान है?
धारा 144 लागू होने के बाद इसका पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी होती है और इसका पालन नहीं करने या धारा 144 का उल्लंघन करने पर, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी भी की जा सकती है जो धारा 107 या धारा 151 के तहत होती है। इस धारा का उल्लंघन करने वाले आरोपी को एक साल कैद की सजा भी हो सकती है। वैसे ये एक जमानती अपराध है जिसमें जमानत हो जाती है।







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