गुवाहाटी। हिंदीभाषी एकता मंच का नाम ही काफी अच्छा और आकर्षणीय है। सभी भाषा में सामंजस्य और समन्वय के साथ एकता हो तो सबसे अच्छी बात होती है। भारत का प्रमुख त्योहार होली है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस त्यौहार में सारे मनमुटाव और भेदभाव को त्याग दिया जाता है। इससे हम अपने आप को एकता के सूत्र में पिरो कर समाज का विकास कर सकते हैं। अपने आप में दिव्य गुण धारण करके समाज को विकसित कर सकते हैं। समाज अगर विकसित होगा तो राष्ट्र भी विकसित होगा। ये बातें असम सरकार के वित्त निगम के अध्यक्ष विजय गुप्ता ने हिंदीभाषी एकता मंच द्वारा आयोजित ऐतिहासिक होली मिलन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने आगे कहा कि भारत के गौरव को अगर पुनः स्थापित करना है और भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनाना है तो हमें राष्ट्र को सामाजिक एकता में पिरोना होगा। इसके लिए होली जैसे त्यौहार को एक त्यौहार के रूप में मनाना होगा। श्री गुप्ता ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से समस्त असम वासियों को होली की शुभकामनाएं भी प्रेषित की। कार्यक्रम के प्रारंभ में पुलवामा के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई एवं गणेश वंदना गीत नृत्य के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भोजपुरी फिल्म कोलकातिया भौजी की नायिका और भोजपुरी गायिका प्रतिभा सिंह ने जोगी जी प्रेम का रोग लगा एवं होलिया में उड़े रे गुलाल के साथ ही पारंपरिक भोजपुरी होली के गीत से सबको नचा दिया। बनारस के भोजपुरी गायक राकेश पांडे ने भोजपुरी गीतों की ऐसी समा बांधी की सभी दर्शक अपनी अपनी जगह खडे होकर नाचने लगे। मुंबई के संजय मेहरा और सासाराम के विनय बिहारी मृदुल ने भोजपुरी एवं हिंदी गीतों की समां बांध दी। राधा कृष्ण पर आधारित फूलों की होली के साथ शालीनता से होली के गीत व नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति की गई। कोलकता की नृत्य मंडली ने कई नृत्य प्रस्तुत किये। राधा और कृष्ण की फूलों की होली का सभी ने भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। हिंदीभाषी एकता मंच के सचिव जयराम सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।







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