बाक्सा (असम)। जिले के तामुलपुर महकमा में स्थानीय लोगों ने ब्रह्मपुत्र नद पर बने सराईघाट ब्रिज की तर्ज पर लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से मटंगा नदी पर बांस का पुल बनाया है। यह पुल लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। एक सप्ताह के बाद लोगों की आवाजाही के लिए इस पुल को खोल दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बाक्सा जिले के 58 नंबर तामुलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुमारीकांटा और काउली को जोड़ने वाले मार्ग पर मटंगा नदी के ऊपर स्थानीय कई युवाओं और ग्रामीणों ने मिलकर लगभग 400 मीटर लंबा बांस का एक मजबूत पुल बनाया है।
स्थानीय लोगों ने बताया है कि लंबे समय से सरकार से मटंगा नदी पर पुल बनाने की मांग की जा रही थी, लेकिन सरकार या जिला प्रशासन ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया। इससे हताश होकर ग्रामीणों ने स्वयं अपनी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बांस का पुल बनाने का निर्णय किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी आम जनता की परेशानियों के मद्देनजर नदी पर पुल बनाने के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि इस इलाके से तीन जनप्रतिनिधियों को जनता ने चुनकर विधानसभा में भेजा, लेकिन उन्होंने जनता की मांग को अनसुना कर दिया है। बताया गया है कि गत दो माह से स्थानीय तीन गांव के लोगों ने मिलकर ब्रह्मपुत्र नद पर बने सराईघाट ब्रिज की तरह बांस का पुल बनाकर तैयार कर दिया है। हालांकि, बांस के इस पुल का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अगले एक सप्ताह में कार्य पूरा होने की संभावना जताई गई है। इस पुल के निर्माण में तीनों गांव के लोगों ने न सिर्फ श्रमदान किया, बल्कि स्वयं ही धनराशि का भी प्रबंध किया है। वाकई यह पुल एक मिसाल है। (हि.स.)








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