मानहानि मामले में सेशन कोर्ट में मंत्री डॉ हिमंत ने दी गवाही
गुवाहाटी। भारतीय जनता पार्टी के प्रभावशाली नेता और राज्य सरकार के वित्त, स्वास्थ्य आदि मामलों के मंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने गुरुवार को कामरूप (मेट्रो) सेशन कोर्ट में मानहानि के एक मामले में अपनी गवाही दी। उल्लेखनीय है कि डॉ विश्वशर्मा ने नौ वर्ष पूर्व गैर राजनीतिक दल कृषक मुक्ति संग्राम समिति के शीर्ष नेता अखिल गोगोई के विरूद्ध मानहानि का एक मामला दर्ज कराया था। इसके बाद अखिल गोगोई ने संवाददाता सम्मेलन में मंत्री डॉ विश्वशर्मा की अवैध संपत्ति का खुलासा करते हुए बिना तथ्यों के आरोप लगाया था।
इस संबंध में डॉ विश्वशर्मा ने अखिल को आरोप साबित करने की चुनौती दी और प्राथमिकी दर्ज कराने की कानूनी नोटिस जारी की। जब अखिल अपने आरोपों के तहत सबूत नहीं दे पाए तो मंत्री ने उन पर मानहानि का एक मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी मामले में वे अपनी गवाही देने के लिए अदालत में हाजिर हुए थे। अदालत से बाहर निकालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ विश्वशर्मा ने कहा कि अखिल ने संवाददाता सम्मेलन में कही गई बातों को अदालत में अस्वीकार कर दिया, जिसके चलते समाचार पत्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। अखिल के चक्कर में समाचार पत्रों के संपादकों को जेल की हवा तक खानी पड़ी है। उधर, कामरूप जिले में सुपारी सिंडिकेट को लेकर समाचार पत्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के संदर्भ में मंत्री डॉ विश्वशर्मा ने कहा कि ऐसे समाचार पत्रों से प्रमाण मांगे गए हैं, लेकिन वे दे नहीं पाए हैं। प्रमाण मिलने पर सरकार ऐसे सिंडिकेट को जड़ समूल उखाड़ फेंकेगी। साथ ही सिंडिकेट से जुड़े लोगों को तुरंत गिरफ्तार भी किया जाएगा। सिर्फ आरोपों के आधार पर कार्रवाई नहीं हो सकती। (हि.स.)








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