रविन्द्र तोदी
धुबड़ी में नाट्य शिल्पी साहित्य का वातावरण गढ़ने का प्रयास
धुबड़ी। धुबड़ी में असम नाट्य सम्मेलन की धुबड़ी शाखा का गठन कर लिया गया है। असम साहित्य सभा के धुबड़ी जिला भवन कार्यालय परिसर में इस संबंध में एक आम सभा का आयोजन किया गया।विशीष्ट नाट्यकार व आह्वायक निर्मलेंदु सेनगुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित सभा के उद्देश्य व्याख्या मुख्य आह्वायक विश्वजीत कलिता ने की।सभा के दौरान दिवंगत नाट्यकारो, शिल्पी कलाकारों की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखा गया तथा श्रृद्धांजलि अर्पित की गई। हेमेन चक्रवर्ती ने शोक प्रस्ताव का पाठ किया।मोके पर उपस्थित असम नाट्य सम्मेलन रत्नपीठ मंडल के संपादक कनक कृष्ण देवनाथ ने नाट्य सम्मेलन के लक्ष्य, आदर्श व उद्देश्य के संबंध में विस्तार से प्रकाश डाला।सभा के दौरान 31 सदस्यीय असम नाट्य सम्मेलन की धुबड़ी शाखा का गठन किया गया।जिसका अध्यक्ष निर्मलेदू सेनगुप्ता व दिपांकर देव बोराल को सचिव बनाया गया है। सभा के दौरान सभी ने नवगठित नाट्य सम्मेलन की टीम से धुबड़ी में नाट्य साहित्य नाटक का परिवेश गढ़ने की आशा जताई। इस अवसर पर धुबड़ी साहित्य सभा के अध्यक्ष उद्दन चक्रवर्ती, विशीष्ट संगित शिल्पी नंदा नियोगी,विशीष्ट शिल्पी विधायक चक्रवर्ती, वरिष्ठ अधिवक्ता गियासुद्दीन अहमद, शिक्षाविद मिहीरकांत दास के अलावा भी अच्छे खासे प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।















कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें