गुवाहाटी। असम विधानसभा 2021 के चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने एआईयूडीएफ व वामपंथी के साथ मिलकर भाजपा को मात देने के लिए महागठबंधन बनाया है। महागठबंधन बनने के कुछ दिनों के बाद ही कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच अपने आपको बड़ा साबित करने के लिए बयानबाजी शुरू हो गयी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने यह कहा है कि कांग्रेस के कब्जे वाली किसी भी विधानसभा को एआईयूडीएफ के लिए नहीं छोड़ेंगे। रिपुन बोरा के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एआईयूडीएफ के सांगठनिक सचिव अमिनुल इस्लाम ने कहा है कि रिपुन बोरा ने इस तरह का बयान किस आधार पर दिया है, यह मुझे नहीं पता है। इसके बावजूद महागठबंधन में प्रत्येक दल को एक साथ बैठकर चर्चा करने के बाद किस विधानसभा क्षेत्र को किसके लिए छोड़ा जाएगा। इस तरह से मानकचार विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में कांग्रेस के पास है। लेकिन मानकचार से केंद्रीय सांगठनिक सचिव अमिनुल इस्लाम प्रतिद्वंद्विता के लिए प्रचार अभियान शुरू किया है।
इस संबंध में अमिनुल इस्लाम से पूछा गया कि अगर कांग्रेस इस सीट को एआईयूडीएफ के लिए नहीं छोड़ती है तो वे क्या करेंगे। उन्होंने उत्तर में कहा कि हमारी पार्टी जो निर्णय लेगी, मैं उसका पालन करूंगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे 10 वर्षों से चुनाव लड़ने नहीं दिया था। जिसके चलते मैंने चुनाव नहीं लड़ा। हालांकि, पिछले चुनाव में पार्टी ने मुझे टिकट दिया था, जिसके चलते मैंने चुनाव लड़ा था। उन्होंने कहा कि अगर इस बार पार्टी मुझे टिकट नहीं देती है तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।
उल्लेखनीय है कि दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की ओर से इस तरह की बयानबाजी ने यह साबित कर दिया है कि यह महागठबंधन चुनावों में बरकरार रहता भी है तो नेताओं के बीच आपसी समझ बन पाएगी या नहीं कहना मुश्किल है। (हि.स.)








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