अमित नागोरी
गोलाघाट। गोलाघाट जिले में किसी भी मामले में गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्थायी समिति का गठन किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि गोलाघाट जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीके चांडक ने बैठक की अध्यक्षता की और गोलाघाट जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राबिन कुमार को सदस्य और गोलाघाट शासकीय अधिवक्ता प्रवीण थेंगाल को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नारायण कुरी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार गवाह संरक्षण योजना, 2018 (विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम , 2018) को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है और इसके तहत असम सरकार के गृह और राजनैतिक विभाग 2019 सन के 3 अप्रैल के तहत इस निर्देश को लागू करने को कहा है।
तदनुसार, यह सुनिश्चित करने के लिए 15 जून को समिति का गठन किया गया था कि जो कोई भी योजना के अनुच्छेद 2 (सी) के तहत किसी भी मामले में गवाही देना चाहता है, उसे भय से गुमराह नहीं किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि गवाही देने के इच्छुक लोग अक्सर प्रभावशाली चक्र के प्रभाव से भयभीत होते हैं और गवाही देने से बचते हैं। जो न्याय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में बाधक है।
इसलिए, जिन लोगों को गवाही देने की आवश्यकता होती है, उन पर इस तरह की घटनाओं का सामना करने पर इस समिति से संपर्क करने का दबाव डाला जा सकता है। समिति ऐसे लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाएगी। इस संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। या मदद के लिए 89012-81631 पर कॉल कर सकते हैं।








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