गुवाहाटी। असम सरकार बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सुधारों के साथ आगे बढ़ रही है। यह कदम सरकारी परियोजनाओं और योजनाओं को धीमा करने वाली सभी आधिकारिक बाधाओं को दूर करने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक फ़ाइल को आगे बढ़ाने के लिए टेबलों की संख्या को अब कम कर दिया जाएगा, जिससे गति और दक्षता में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि जिन प्रस्तावों की लागत दो करोड़ रुपये तक है, उन्हें विभागीय समिति ही स्वीकृति करेगी, इसे स्वीकृति के लिए वित्त विभाग के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है। इस कमेटी की अध्यक्षता विभाग के कमिश्नर करेंगे। जिन प्रस्तावों की लागत दो से पांच करोड़ रुपये है इसकी स्वीकृत वित्त विभाग की स्थायी समिति मंजूरी देगी। मुख्य सचिव बैठक की अध्यक्षता करेंगे और फाइल को वित्त विभाग को भेजने की आवश्यकता नहीं है। बैठक प्रत्येक शुक्रवार को होगी।
पांच से 100 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के लिए वित्त मंत्री स्थायी वित्त समिति की अध्यक्षता करेंगे, जहां विभाग आयुक्त सदस्य सचिव होंगे। यह समिति अंतिम मंजूरी देगी और यह हर गुरुवार को आयोजित की जाएगी। 100 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव विभाग प्रमुख आवश्यक अनुमोदन के लिए सीधे कैबिनेट से मिलेंगे। नियमित योजनाओं के मामले में संबंधित मंत्री को योजना का अनुमोदन करने का अधिकार होगा।
निदेशकों एवं मुख्य अभियंताओं को संबंधित विभागों के माध्यम से इसे सिलिंग करने के बजाय सीधे वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजने का अधिकार होगा, जो अभी तक कन्वेंशन रहा है। (हि.स.)








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