ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
लखीमपुर के कन्टेनमेन्ट जोन में सोने की मूर्तियां खरीदने पहुंचे कोलकाता के बुजुर्ग दंपती
लखीमपुर। लखीमपुर के अलग-अलग इलाकों में लंबे समय से नकली सोना बेचने का गैरकानूनी धंधा चल रहा है। इस व्यापार को करने वाले आपराधिक गिरोह के जाल में फंस कर सोने की मूर्ति खरीदने के लिए कोलकाता के बुजुर्ग दंपती को लखीमपुर के बंगालमरा की सड़कों पर नकली सोने की ईसा मसीह की प्रतिमा के साथ गिरफ्तार किया गया । इसके साथ हीं सरकार द्वारा दिए गए संपूर्ण लॉक डाउन की अवधि में नकली सोने की मूर्तियां बेचने आई एक अन्य महिला को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार बुजुर्ग दंपती कोलकाता के 24 परगना जिले की नीलिमा चक्रवर्ती (61), गोपाल चक्रवर्ती (71) हैं। नकली सोने की बनी ईसा मसीह की मूर्ति बेचने वाली गिरफ्तार दूसरी महिला बंगालमारा के सोनापुर की नसीमा बेगम है। गिरफ्तार नसीमा बेगम के कबूलनामे के मुताबिक- सोनापुर के हसन अली के बेटे हुमायूं ने कोलकाता के दो लोगों को ईसा मसीह की मूर्ति सौंपी थी। जाली सोने की मूर्ति बंगालमारा राजकीय अस्पताल के पास मिली जब कुछ लोगों ने संदेह होने पर वहाँ उपस्थित कोलकत्ता के बुजुर्ग दम्पति से पूछताछ की।
कोलकाता के बुजुर्ग दंपती ने खुलासा किया है कि उन्होंने नकली सोने की मूर्ति को असली सोने की मूर्ति के रूप में ढाई लाख रुपये में खरीदने की कोशिश की। लखीमपुर के उप पुलिस अधीक्षक नित्यंजन सुतीया बंगलमारा थाने पहुंचे और सभी से पूछताछ की।
गिरफ्तार लोगों से पुलिस भी लगातार पूछताछ कर रही है
कोरोना के संक्रमण के चलते संपूर्ण लॉकडाउन दिए जाने के पश्चात लखीमपुर पुलिस सक्रियता से सभी जगहों पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच पड़ताल कर रही है इसी बीच कोलकाता से यह बुजुर्ग दंपति किस प्रकार आकर बंगालमरा में उपस्थित हुए यह एक रहस्य का विषय है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से लखीमपुर के बंगालमारा में पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बहुत दिनों से चल रहे हैं इस नकली सोने के व्यापार से संलग्न कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई मूर्तियां भी जप्त की जा चुकी है। इसके बावजूद भी फिर से कुछ कुख्यात लोगों ने इस संपूर्ण लॉकडाउन के माहौल में नकली सोने की मूर्ति बेचने का व्यापार करने का काम शुरू कर दिया है।









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