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आप भी हैं पूड़ी और पराठा के शौकीन, तो जानिए आपकी सेहत के लिए क्या है खराब और सही

 


हर भारतीय को पूरी और पराठा खाने का शौक होता है। ज्यादातर भारतीय घरों में रोजाना पराठे बनते हैं, जबकि पूरी किसी खास मौके या फिर शादी पार्टी में ही सर्व की जाती है। इन दोनों का अपना-अपना स्वाद है और इन्हें अलग-अलग तरह की पकी हुई सब्जियों के साथ खाया जाता है।


लेकिन सवाल ये है कि इन दोनों में से आपकी सेहत के लिए क्या सबसे ज्यादा अच्छा है। तो चलिए यहां जानते हैं पराठा और पूरी से जुड़ी कुछ जरूरी बातें। साथ ही जानेंगे कि दोनों में से आपके लिए क्या बेहतर है।


​पराठे की खासियत

इसे अंग्रेजी में फ्लैट ब्रेड भी कहते हैं। हालांकि पराठे को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी पकाया जाता है। बता दें कि इसका नाम पराठा परात और अट्टा से मिलकर बना है। मुख्य रूप से पराठे को गेहूं के आटे का उपयोग करके बनाया जाता है। बंगाली और मलयालम भाषाओं में लोग इसे पोरोटा कहते हैं। वहीं असमिया में इसे पोरोथा कहा जाता है। श्रीलंका मालदीव और मॉरीशस में लोग इसे फरोटे के नाम से जानते हैं। वहीं बर्मा में यह पलटा के नाम से मशहूर है।


​पूरी की खासियत

पूरी तेल में डीप फ्राई करके बनाई जाती है। भारत के अलावा पूरी बांग्लादेश, नेपाल, बर्मा, सिंगापुर और मलेशिया में बहुत फेमस है। बेशक यह पूरी तरह से तेल में फ्राई होती है, लेकिन फिर भी इसे हल्का भोजन माना जाता है। आमतौर पर लोग इसे नाश्ते और खाने में करी या भाजी के साथ खाना पसंद करते हैं। यही कारण है पूरी सब्जी का कॉम्बिनेशन भारत के कई हिस्सों में मशहूर है।


​पराठा और पूरी में समानताएं

इससे पहले कि हम इन दोनों के बीच अंतर बताएं, पहले दोनों के बीच कुछ समानताएं जान लेते हैं। पराठा और पूरी दोनों को ही तेल का उपयोग करके बनाया जाता है। पराठे और पूरी दोनों की कई वैरायटीज हैं। जैसे आलू पराठा, गोभी पराठा , पनीर पराठा, मटर, मेथी पराठा, प्याज पराठा के अलावा और भी न जाने कितने तरह के पराठे उपलब्ध हैं। वहीं मेथी की पूरी, मिसी पूरी , मटर पूरी कई जगह फेमस है।


​क्या ज्यादा ऑयली है- पूरी या पराठा

पूरी की तुलना में पराठा ज्यादा तेल सोखता है, क्योंकि ये आमतौर पर धीमीं आंच पर सेका जाता है। जबकि पूरी कम तेल सोखती हैं क्योंकि इसे तेज आंच पर सेका जाता है और यह तेल की सतह पर तैरती है।


​पराठा और पूरी पौष्टिक रूप से क्या बेहतर है

पूरी का तेल आमतौर पर तेज तापमान पर गर्म किया जाता है, जिससे इसमें धुआ निकलने लगता है। इससे कार्सिनोजेन्स बन सकते हैं। जबकि धीमी आंच पर सेके जाने पर पराठे ज्यादा पौष्टिक लगते हैं।


रेस्तरां या ढाबों में पूरियों को आमतौर पर दोबारा इस्तेमाल किए गए तेल में सेका जाता है, जो ट्रांसफैट का एक स्त्रोत है और आपके दिल के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। घर में भी अक्सर हम यही गलती करते हैं। जबकि पराठों में लोग आमतौर पर हमेशा ताजे तेल का ही उपयोग करते हैं। इसलिए पूरी की तुलना में पराठा पौष्टिकता से भरपूर है।


पराठे के लिए नॉन-स्टिक तवे का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद होता है। क्योंकि आप पराठे को सिर्फ एक चम्मच तेल में ही बना सकते हैं। जबकि ये विकल्प आपको पूरियों में नहीं मिलेगा। पूरियां डीप फाई करनी होती है, जिसके लिए अधिक मात्रा में तेल चाहिए होता है।


पराठे सेकने के दौरान आपके पास फ्रेश ऑयल यूज करने का ऑप्शन होता है, इसलिए आपके शरीर में ट्रांसफैट बनने की संभावना नहीं होती।


यदि आपको नियमित रूप से पूरी या पराठा खाना पसंद है, तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। बस कोशिश करें, कि तेल की मात्रा कम हो। विशेषज्ञों के अनुसार, पराठे या पूरी से शरीर में जमा चर्बी को बर्न करने के लिए रैगुलर एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है।

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