ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
112 नए संक्रमित मरीजों के साथ मृतकों की संख्या पहुंची 94
लखीमपुर। लखीमपुर में कोरोना की बढ़ती रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है जिसके जिम्मेदार गांव के भोले भाले लोगों के अलावा जिले के बीए, बीकॉम, एम ए, इत्यादि जैसे कुछ डिग्री धारक पढ़े लिखे समझदार लोग भी हैं जो अनावश्यक करण अपने घरों से चमचमाती कारें एवं मोटरसाइकिल लेकर बाहर निकल रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा लखीमपुर जिले में इस लॉक डाउन की अवधि अगले आदेश तक बढ़ाई गई है जिसका विरोध भी यही पढ़े लिखे समझदार लोग कर रहे हैं जबकि उन्हें यह पता भी है कि उन्हीं की लापरवाही के कारण आज लखीमपुर जिले की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है ।लखीमपुर जिला प्रशासन और लखीमपुर स्वास्थ्य विभाग हर प्रकार से यह प्रयत्न करने में लगी हुई है की लखीमपुर जिले को इस वैश्विक महामारी के चुंगल से मुक्त किस प्रकार किया जाए लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जिले के पढ़े लिखे समझदार लोगों जिला प्रशासन की बातों को समझने का प्रयत्न ही नहीं कर रहे है जिसका हर्जाना आम नागरिकों को भरना पड़ रहा है। आज इन्हीं पढ़े लिखे समझदार लोगों की लापरवाही के कारण जिले में दिन प्रतिदिन कोरोना जैसी वैश्विक महामारी बढ़ते ही जा रही है तथा इस वैश्विक महामारी के कारण जिले में एक के बाद एक मरीज की मृत्यु होते जा रही है। जिले में आज समाचार लिखे जाने तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से शिकार हुए कूल 9283 मरीजों में से 8360 मरीज स्वस्थ होकर अपने-अपने गणतंत्व की ओर लौट चुके हैं तथा वर्तमान 829 मरीज इस वैश्विक महामारी के चुंगल से संक्रमित है जो आज भी अपनी जिंदगी और मौत के साथ संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा इस वैश्विक महामारी से शिकार कुल 94 मरीज जो अपनी जिंदगी और मौत के साथ संघर्ष कर रहे थे उन्हें आखिरकार काल ने अपना ग्रास बना ही लिया। समाचार लिखे जाने तक जिले में आज कुल 112 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि स्वस्थ विभाग द्वारा की गई है तथा घरों और चिकित्सालय में चिकित्साधीन कुल 139 मरीज आज स्वस्थ होकर अपनी अपनी मंजिल की ओर चले गए हैं। इसके अलावा इस वैश्विक महामारी से शिकार होकर जीवन मृत्यु के साथ संघर्ष कर रहे दो मरीजों को आज काल ने अपना ग्रास बना लिया जिसके पश्चात जिले में इस महामारी से मृत्यु का वरण करने वाले कुल मरीजों की संख्या का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ते हुए 94 तक पहुंच चुका है।








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