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असम में हिंदू आबादी में आई गिरावट: मुख्यमंत्री

 


गुवाहाटी। असम विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सोमवार को शून्यकाल में सदन के अंदर कांग्रेस के विधायक शेरमान अली के द्वारा उठाये गये जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने भी इस संबंध में अपना बयान तथ्यों के आधार पर रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक की मांगों से सरकार को कोई परहेज नहीं है सिर्फ एक मांग को छोड़कर। उन्होंने कहा कि नौकरी जनसंख्या के आधार पर नहीं बल्कि, मेरिट के आधार पर करने की व्यवस्था है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में मुसलमान दो हिस्सों में हैं। उन्होंने कहा कि असम में मुसलमान दो हिस्सों में सांस्कृतिक रूप से हैं, धार्मिक रूप से भी ऐसा ही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले असम के मुसलमानों और ऊपरी असम के मुसलमानों में फर्क है। निचले असम के मुसलमान जाकीर-जरी का पालन नहीं करते हैं। साथ ही कहा कि ऊपरी असम के मुसलमान स्वदेशी हैं।


असम में हिंदू आबादी में गिरावट : मुख्यमंत्री

सदन में जनसंख्या के मुद्दे पर जारी चर्चा पर मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वा सरमा ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों की संख्या का तुलनात्मक आंकड़ा भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "असम में हिंदुओं की आबादी कम हुई है। जबकि, मुसलमानों की संख्या बढ़ी नहीं, लेकिन एक समान स्तर पर बनी हुई है। साथ ही कहा कि हिंदुओं की आर्थिक स्थिति अच्छी हुई है, उनके पास गाड़ी है, स्कूटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि मैं जनसंख्या वृद्धि को रोकने की बात कर रहा हूं, इसको लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हमें जनसंख्या को रोकना होगा। कांग्रेस, एआईयूडीएफ या भाजपा कोई भी जनसंख्या को कम करने का विरोध नहीं कर पाएगा। डॉ सरमा ने कहा कि आज हमें सदन में मुस्लिम आबादी, शिक्षा आदि के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सदन में विधायक शेरमान अली को धन्यवाद देना चाहिए।


असम के भीतर दो असम: डॉ सरमा

मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कहा, "असम के भीतर दो असम हैं। ऊपरी असम के विधायक और धुबरी के बीच जमीन और आसमान का अंतर है। उदाहरण के तहत उन्होंने कहा कि ऊपरी असम में घर नहीं है जबकि, धुबरी में घर ही घर है। साथ ही कहा कि डिब्रूगढ़ के विधायक धुबरी के विधायकों की बातों को समझ नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपरी असम के विधायकों को धुबरी में रहने की और धुबरी के विधायकों को ऊपरी असम में एक सप्ताह रहने की व्यवस्था करनी चाहिए। मैं इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष के साथ चर्चा करूंगा।


उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के विधायक शेरमान अली ने रूल नंबर 50 के तहत आम लोगों के हितों के मद्देनजर जनसंख्या वृद्धि की लेकर शून्यकाल में सवाल उठाया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि असम में निवास करने वाले मुसलमान, खासकर चर-चापरी (नदी के छाड़न वाला क्षेत्र) में रहने वाले मुसलमान समाज के लिए आवश्यक शैक्षणिक संस्थान और शिक्षकों को नियुक्त कर शिक्षा का प्रसार करते हुए बाल विवाह रोकने, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात आदि क्षेत्र का व्यापक विकास करने, सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नौकरी जनसंख्या के आधार पर मुहैया कराने, गर्भ निरोधक को सुलभ मूल्य पर मुहैया कराने और कठोर जन्म नियंत्रण कानून के जरिए खासकर चर-चापरी इलाकों में निवास करने वाले मुसलमान लोगों के बीच क्रमबद्ध तरीके से जनसंख्या नियंत्रण किया जाना चाहिए।


चर्चा के दौरान शेरमान अली ने कहा कि शिक्षा के अभाव में ही जनसंख्या की वृद्धि हो रही है। शेरमान अली ने माना कि राज्य में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर अधिक है। उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा देते हुए बताया कि राज्य में हिंदू जनसंख्या वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत है, जबकि 14 वर्ष पहले यह दो प्रतिशत थी। वहीं मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत है, जबकि 14 वर्ष पहले मुस्लिमों की जनसंख्या वृद्धि दर 3.7 थी। साथ ही कहा कि भारत की जनसंख्या को कंट्रोल करने के लिए वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत होनी चाहिए।


चर्चा में हिस्सा लेते हुए वाणिज्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने शेरमान अली के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या का आंकड़ा जनगणना विभाग का होता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को जनगणना विभाग के आंकड़ों के साथ क्रॉस चेक करने की बात कही।


वहीं भाजपा विधायक मृणाल सैकिया ने कहा कि असम के 33 जिलों में से 11 जिले मुस्लिम बहुल हो गये हैं। जनसंख्या वृद्धि एक एजेंडा के तहत हो रहा है, इसमें अवैध घुसपैठ है या जन्मदर को बढ़ाया गया है, इसको लेकर विरोधाभास हो सकता है लेकिन जनसंख्या वृद्धि की बात पूरी तरह से सही है।


चर्चा में राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका, भाजपा विधायक मृणाल सैकिया, प्रदीप हजारिका, विपक्षी विधायक अमीनुल इस्लाम, मंत्री चंद्र मोहन पटवारी, जाकिर सिकदार समेत अन्य विधायकों ने हिस्सा लिया।

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