पूजा माहेश्वरी
वर्चुअल व्याख्यानमाला में विदेश से भी वक्ताओं ने भाग लिया
नगांव। असम साहित्य सभा के पूर्व अध्यक्ष, साहित्य अकादमी के पुरस्कार प्राप्त, नगांव के सुसंतान पद्मश्री महिम बोरा की 97वीं जन्म जयंती के अवसर पर सदौ असम ग्राम्य पुथिभराल संस्था के कार्यालय परिसर में एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष प्रताप हजारिका ने महिम बोरा के आदर्श जीवन पर मुख्य भाषण दिया ।उसके पहले उनकी छवि के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर तथा तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में पुथिभराल संस्था के प्रधान संपादक बलदेव देव शर्मा और संस्था के सह-संपादक खगेन चंद्र नाथ, अन्य सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित थे। असमिया साहित्य भंडार को समृद्ध करने वाले महिम बोरा के आदर्श जीवन को याद किया गया तथा सभी को उनके आदर्श अपनाने का आह्वान किया गया। दूसरी ओर साहित्याचार्य महिम बोरा के ऊपर एक वर्चुअल व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। असम साहित्य सभा की शाखा शंकर च'रा और नगांव कॉलेज की स्नातकोत्तर असमिया विभाग की ओर से किया गया। इस व्याख्यानमाला में इंग्लैंड (लेस्टर) से मंजीरा चौधरी, स्कॉटलैंड( ग्लास्को) से निरला चौधरी मुख्य वक्ता व नगांव कालेज के प्राचार्य डॉ शरत बरकटकी के साथही कई अतिथि उपस्थित थे। इसका विषय था साहित्याचार्य की लघु कहानियां व कविताएं।








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