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अखिल ने मांगा था 10 करोड़, नहीं मिलने पर एआईयूडीएफ को बताया साम्प्रदायिक: विधायक इस्लाम

 


गुवाहाटी। एआईयूडीएफ के विधायक अमीनुल इस्लाम ने राइजर दल के एकमात्र विधायक अखिल गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एआईयूडीएफ विधायक ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान असम विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में अखिल गोगोई के विरुद्ध स्वत: आरोप लगाया। अमीनुल इस्लाम का कहना है कि अखिल गोगोई ने अपनी नई पार्टी बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये मांगे थे। उन्हें संगठन के आर्थिक अभाव की बात बतायी थी। पैसे का भुगतान न होने से राइजर दल महागठबंधन का हिस्सा नहीं बना।


अमीनुल इस्लाम ने कहा कि हमने अखिल गोगोई के साथ कई बार चर्चा की। उस समय महागठबंधन बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसके बाद अखिल गोगोई ने कहा कि उन्हें पार्टी बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये की जरूरत है। संगठन की वित्तीय किल्लत की बात कही। अखिल गोगोई ने महागठबंधन में शामिल होने का आश्वासन दिया। अखिल गोगोई ने उस समय कभी एआईयूडीएफ को सांप्रदायिक नहीं कहा था।


अमीनुल इस्लाम ने कहा कि अखिल गोगोई की मुलाकात जीएमसीएच केबिन में रहते हुए एआईयूडीएफ के प्रतिनिधि से हुई थी। अखिल ने पेइंग केबिन में रहते हुए भाजपा के साथ बैठक की थी। इसके बाद उनका सुर बदल गया किया और एआईयूडीएफ के खिलाफ बयानबाजी करने लगे।


अमीनुल इस्लाम के मुताबिक उन्होंने महागठबंधन को दो तरह से नुकसान पहुंचाने के बदले भाजपा को दो तरह से फायदा पहुंचाया। अखिल गोगोई ने यह दावा नहीं किया कि वह राजनीतिक पार्टी बनाने के नाम पर 10 करोड़ रुपये चाहते हैं। अखिल ने पैसे नहीं देने पर एआईयूडीएफ को सांप्रदायिक करार दिया। अमीनुल इस्लाम ने अखिल से महागठबंधन को झगड़ा न लगाने का आह्वान किया। विधायक ने यह भी कहा कि एआईयूडीएफ को छोड़कर महागठबंधन की सफलता संभव नहीं है।


हालांकि, अमीनुल इस्लाम का कहना है कि पैसे की मांग करना गलत समझा जाता है। अखिल गोगोई ने हमारे साथ गुड ऑन फेथ के तहत चर्चा हुई थी। अखिल गोगोई उस समय नई पार्टी खोलने की सोच रहे थे। उस समय पार्टी का नाम भी तय नहीं हुआ था। वहीं महागठबंधन भी नहीं बना था। अखिल गोगोई ने हमसे चर्चा में कहा कि पार्टी खोलने के लिए हमें 10 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। चूंकि, उस समय महागठबंधन की चर्चा हो रही थी वह महागठबंधन से पैसा मिलने की उम्मीद कर रहे थे।


अमीनुल इस्लाम ने कहा, अखिल गोगोई ने कहा कि चूंकि मैं जेल में हूं, इसलिए हमारे संगठन के लोगों फोन भी टैप किये जा रहे हैं। इसलिए हमारे शुभचिंतक किसी को फोन नहीं कर सकते थे। ऐसा बेहद ईमानदार माहौल में किया गया। मेरा यह कहने से तात्पर्य यह है कि तब अखिल गोगोई ने यह नहीं कहा था एआईयूडीएफ सांप्रदायिक है या एआईयूडीएफ के आने से महागठबंधन में शामिल नहीं होंगे। मैंने बाद में पार्टी की कर्णधार समिति में इस पर चर्चा की लेकिन उस समय हमारी पार्टी इतना पैसा देने की स्थिति में नहीं थी। लेकिन, विशेष रूप से एक भाजपा सदस्य के जीएमसीएच के पेइंग केबिन में अखिल गोगोई से मुलाकात के बाद उनका स्वर बदल गया और उन्होंने हमें सांप्रदायिक कहा। हमने अखिल गोगोई को पैसे नहीं दिए। (हि.स.)

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