गुवाहाटी। कामरूप (मेट्रो) जिला प्रशासन के सौजन्य से गुवाहाटी के नवग्रह श्मशान परिसर में आयोजित कर्मचारी दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कई सनसनीखेज टिप्पणी की। भारत रत्न गोपीनाथ बरदलै की 71वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत कांग्रेस विधायकों के शरीर में कांग्रेस है, लेकिन उनकी आत्मा मेरे साथ है।
उन्होंने कहा कि चुनाव में हार की आशंका से वे भाजपा में शामिल नहीं हुए। साथ ही कहा कि अल्पसंख्यक इलाकों के लोग भी यदि भाजपा को वोट देने की बात कहते हैं तो वहां के विधायक भी भाजपा में आने की बात कहते हैं।
उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया में असम की गौरव ओलंपिक पदकधारी लवलीना बोरगोहाईं को नौकरी देने के संबंध में चल रही चर्चा को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खिलाड़ी को कितना भी क्यों न दे, उनके अवदान की तुलना में वह कम ही होगा।
धिंग एक्सप्रेस के रूप में विख्यात राज्य की हिमा दास की आलोचना किए जाने पर मुख्यमंत्री ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि असम और देश के गौरवान्वित करने में हिमा दास का अवदान काफी अधिक है। ऐसे में खिलाड़ी का यथासंभव संस्थापन करने का दायित्व सरकार का है। इस संबंध में उन्होंने पीबी सिंधू, मीराबाई चानू का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके राज्य सरकारों ने ऊंचे पदों पर नौकरी प्रदान किया है।
असम-मिजोरम सीमा विवाद के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि मिजोरम सरकार भविष्य में सीमा पर पुलिस को अगर नहीं भेजती है तो दोनों राज्यों के बीच शांति-सौहार्द कायम रहेगा। साथ ही कहा कि असम-मिजोरम सीमाई इलाके में असम के जिन छह जवानों ने प्राण गंवाये हैं उसके संबंध में अभी तक मिजोरम सरकार ने कोई शोक वार्ता प्रेषित नहीं किया है। उन्होंने इस संबंध में अतिशीघ्र मिजोरम सरकार को शहीद जवानों के लिए असम सरकार को शोक वार्ता प्रेषित करना चाहिए।
भारत रत्न गोपीनाथ बरदलै की 71वीं पुण्य तिथि के अवसर पर नवग्रह श्मशान परिसर में उनकी समाधि स्थल पर आयोजित कर्मचारी दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीधनता के समय असम के अस्तित्व की रक्षा के उद्देश्य से असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बरदलै के द्वारा उठाए गये कदमों के लिए उन्हें हम श्रद्धा के साथ स्मरण करते हैं।
उन्होंने कहा कि असम और असमिया समाज के प्रति उनके योगदान तथा अतुलनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए युवा पीढ़ी को उनके बारे में अच्छी तरह से जान पाये उसके लिए राज्य सरकार ने उच्चतर माध्यमिक श्रेणी में एक अध्याय को पुस्तकों में शामिल करने को लेकर विचार कर रही है। इस मौके पर कामरूप (मेट्रो) जिला के उपायुक्त बिश्वजीत पेगु के साथ ही गोपीनाथ बरदलै के परिवार के काफी संख्या में लोग तथा जिला प्रशासन व अन्य सम्मानित अतिथि मौजूद थे। (हि.स.)








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