डिमा हसाउ। उग्रवादी समूह डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (डीएनएलए) ने कछार, करीमगंज, हैलाकांदी, डिमा हासाउ, कार्बी अंग्लांग और होजाई जिलों में अलग हिडिम्बाराजी राज्य के गठन की मांग को लेकर 14 अगस्त से 36 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
डीएनएलए के अध्यक्ष प्रचार सचिव ने दिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी के अध्यक्ष अरमिंडाओ डिमासा और प्रचार सचिव रिंगमाई डिमासा के साथ एक संयुक्त बयान जारी कर छह जिलों में 36 घंटे के बंद का आह्वान किया है। डीएनएलए द्वारा पिछले दिनों मीडिया को जारी एक वीडियो संदेश में कहा गया है कि हम किसी की जमीन नहीं छीनना चाहते। हम दावा करते हैं कि जिन क्षेत्रों के साथ डिमासा राज्य शुरू से ही रहा है, उसको भारत सरकार और असम सरकार जानती है। जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि 2009 में उग्रवादी संगठन डीएचडी (जे) के मुख्य धारा में लौटने के बाद डिमा हसाउ जिले में स्थायी शांति लौट आई थी लेकिन एक बार फिर नये उग्रवादी संगठन डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी के गठन के बाद जिले की स्थायी शांति को ग्रहण लग गया।
ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व करबी हिल्स में अर्धसैनिक बलों और पुलिस के साथ झड़प में डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी के छह कैडर मारे गए थे।
इस बीच स्वतंत्रता दिवस पर उग्रवादी संगठन डीएनएलए द्वारा बंद का आह्वान इलाके में कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि, सुरक्षा बल संगठन की इस धमकी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। डीएनएलए स्वतंत्रता दिवस पर बंद का आह्वान कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। (हि.स.)








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें