ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
हाथी और लकड़ी सहित गिरफ्तार 3 तीन लकड़ी तस्कर
लखीमपुर। असम अरुणाचल की सीमा पर लखीमपुर जिले के दुलुंग वनांचल में धड़ल्ले से चल रहा है लकड़ियों की तस्करी। यहां अरुणाचल से आकर लोग कीमती पेड़ों को काटकर उसका कुंदा बनाकर हाथी के द्वारा खींच कर अरुणाचल की सीमा मे ले जाते हैं। यह एक बहुत ही बड़ा तस्करों का गिरोह है । गोपनीय सूत्रों के आधार पर प्राप्त सूचना के अनुसार लखीमपुर वन विभाग के रेंजर ने इस क्षेत्र में अभियान चलाकर आज तीन तस्करों को धर दबोचा और बाकी तस्कर भागने में कामयाब हो गए। भागते हुए तस्करों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर गोली चलाई फल स्वरुप वन विभाग के कर्मचारियों को भी आत्मरक्षा में गोली आने वाली दिशा में गोली चलानी पड़ी। तीन गिरफ्तार तस्करों में लखीमपुर जिले के नारायणपुर पुलिस थाना अंतर्गत सिमलीगुड़ी गांव निवासी कुंखेश्वर गोगोई(31), विकाश गोगोई (30) तथा नारायणपुर थाना अंतर्गत ढलपुर गांव निवासी राजू दास (48) हैं।
उल्लेखनीय है कि नियमित रूप से जंगल के इलाके में गश्त लगाने के लिए सुबह 8:00 बजे लखीमपुर के वन विभाग के रेंजर निकले। अपने दौरे के दौरान 1:00 बजे उस जगह पर पहुंचे जहां उन्हें कुछ आशंका हुई थी। इन लोगों ने देखा कि एक हाथी लकड़ी के कुन्दे को अरुणाचल की तरफ जा रहा है। उस हाथी को देखकर वन विभाग के कर्मचारियों ने हाथी को रोकने की कोशिश की। हाथी को जैसे ही वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा रोका गया तो उस हाथी पर 3 व्यक्ति सवार थे । जिन्हें सुरक्षा सुरक्षा कर्मियों ने धर दबोचा। परंतु लकड़ी की तस्करी करने वाले अरुणाचली तस्कर वहां से फरार हो गए। जैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने इन तीनो तस्वीरों को धर दबोचा भागते हुए अरुणाचली तस्करों ने वन विभाग के सुरक्षाकर्मियों पर गोली चलानी शुरू कर दी। फलस्वरूप जवाबी कार्यवाही में वन विभाग के सुरक्षा कर्मियों को भी आत्मरक्षा मे उसी दिशा में गोली चलानी पड़ी। इस अभियान को कार्यान्वित किया लखीमपुर जिला वन विभाग के रेंजर बी सी कुटुंब के नेतृत्व में पथालीपाम वनखंड और तारियानी वनखंड कार्यालय के वन विभाग के सुरक्षाकर्मियों ने।







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