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नगांव जिला में कोरोना महामारी की स्थिति में हो रहा है सुधार

 


पूजा माहेश्वरी

तीसरी लहर के आने की चिंता में लोग 

नगांव। वैस्विक महामारी का कहर अब नगांव जिला में कुछ कम दिखाई पड़ रहा है, भले ही चर्चाएं तिसरी लहर की हो रही हो। नगांव में धीरे-धीरे पॉजिटिव की संख्या कम हो रही है। आज नगांव जिले में 6451 आरएटी (रैट) परीक्षण किए गए जबकि रैट का संचयी (कम्यूलिटिव) 565438 आकंड़ा रहा। उधर आरटीपीसीआर 125 एकत्रित किया गया  जबकि  आरटीपीसीआर का संचयी (कम्यूलिटिव) 10, 720 रहा।इधर आज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 53 पॉजिटिव केस पाए गए। जिसमें (आरएटी = 44, आरटीपीसीआर = 9) है।


सभी 53 पॉजिटिव रोगियों को कोविड केयर सेंटर में रखा गया है।  होम क्वॉरेंटाइन किसी को नहीं दिया गया। अस्पताल में भर्ती-42 मरीजों ने आइसोलेशन के 14 दिन पूरे करने पर उन्हें  डिस्चार्ज किया गया। इधर अब तक स्वस्थ होकर घर लौटने में संचयी बरामद/डिस्चार्ज (होम आइसोलेशन-11219, अस्पताल में भर्ती-7198) है जबकि पूरे जिले में संचयी सक्रिय मामले 596 है। आज के सक्रिय मामले 53 है और आज किसी की भी मृत्यु की कोई खबर नहीं है। कोरोना से पिछले दिनों मरने वालों में कुल101 की संख्या दर्ज की गई है। अब तक कुल संचयी सकारात्मक मामले - आरएटी: 18302, आरटीपीसीआर: 812 है तथा कंटेनमेंट जोन नया कोई भी नहीं है। बल्कि 142 कंटेनमेंट जोन पिछले दिनों लगाया गया था जिसमें से 6 कंटेनमेंट जोन अभी भी सक्रिय है। कुल मिलाकर कोरोना की स्थिति पहले से बेहतर मानी जा रही है। संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर अतुल चंद्र पातर का कहना है कि हमें सावधान और सतर्क रहना है तथा सामाजिक दूरी का पालन करना है। इधर रोज जो भी पॉजिटिव केस आ रहे हैं उसमें अधिकतर वैक्सीनेशन शिविर में टीका लगाने के पहले रोगियों का जांच करने पर और अस्पताल में कोई भी मरीज अपने स्वास्थ की जांच करवाने आता  है तो पहले उसे 'रैट जांच' की रिपोर्ट लेकर आना पड़ता है। जिसके कारण आए दिन कुछ न कुछ पॉजिटिव केस निकल रहे हैं। आज पूरे जिले में 46 वैक्सीनेशन केंद्र लगाये गये थे। नगांव जिला प्रशासन भी कोरोना प्रतिरोधक टीकाकरण शिविर के आयोजन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जिला उपायुक्त कविथा पद्मनाभन तथा पदस्थ और अधीनस्थ सभी अधिकारी इसमें अपनी विशेष भूमिका निभा रहे हैं। किसी किसी शिविर में वैक्सीन से ज्यादा लोग आ जाने से शिविर को संभालने के लिए पुलिस की मदद भी लेनी पड़ रही है। ऐसे शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं के काम में लगे लोगों पर आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि कूपन वितरण में वें लोग धांधली कर रहे हैं ।

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