दीपावली खुशियों का त्योहार हैं , जैसे ही हम सब दीपावली का नाम सुनते हैं तो हमारे जहन में जलते हुवे दीपक , रंग बिरंगी लाईट , मिठाईया , पटाखे और नए कपड़े आजाते हैं ।।
दीपावली एक महा पर्व हैं और यह हम भारतीयों की शान भी हैं , पर क्या हम अपने भारतीय होने का फर्ज निभा रहे हैं ?
ऐसा हम इसीलिए कह रहे हैं क्योंकि हर साल चीन दीपावली पर हमारी अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रहा हैं और हम हर बार कहते तो हैं कि चीन का माल नहीं खरीदेंगे पर इसके बावजूद चीन हर साल दीपावली पर पिछले साल की तुलना में ज्यादा व्यापार कर लेता हैं , ऐसा क्यों और हमसे कहाँ चूक होरही हैं ?
हमसे चूक यह हो रही हैं कि हम जो कहते हैं वह कर नहीं पाते , जब हम बाजार जाते हैं तो हम चीन की बनी चीजों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं और उनके दाम कुछ रुपए सस्ते होने के कारण अपनी देशभक्ति चंद पैसे बचाने के लालच में वही बाजार में नीलाम कर आते हैं ।।
हमारे देश की अर्थव्यवस्था कोविड महामारी की वजह से गोते खा रही हैं , कुछ सेक्टरों को छोड़ कर लगभग सभी सेक्टर में मंदी की मार हैं जिसका सीधा असर हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा हैं मध्य वर्ग और निचले वर्ग के लोग अपनी जीविका के लिये संघर्ष करते नज़र आरहे हैं , लोगों की नोकरी जा रही हैं ।। हर बार हम हर चीज़ का ठीकरा सरकारों पर मंढ देते हैं पर क्या हमारा कोई फ़र्ज़ नहीं बनता ? क्या हम सब मिलकर इस दीवाली यह प्रण नहीं लेसकते की हम इस दीपावली पर जो भी खरीदेंगे वह हिंदुस्तान का बना और हिंदुस्तानियों का बनाया होगा , जिम्मेदारी हम सबकी हैं और हम सभी का अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने का और निभाने का वक़्त हैं यह , हमें इस दीपावली अपने देश का साथ देना हैं । देंगे ना ?
समीर शर्मा
डिब्रूगढ़







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