दयानन्द सिंह
मोरानहाट। एक ओर असम के मुख्यमंत्री अल्फा से शांति वार्ता की बात कह रहे हैं, परेश बरुआ भी मुख्यमंत्री पर आस्था जता चुके हैं।लेकिन अंदर ही अंदर अल्फा नवयुवकों की भर्ती कर रहा है। अगर कुछ दिनों की घटनाओं को देखा जाए तो पता चलता है कि दर्जनों युवक पकड़े जा चुके हैं। हाल ही में डिब्रूगढ़ जिला के खोवांग थाना क्षेत्र के कुलदीप गोगोई (24) और बरबरुआ थाना क्षेत्र के गरुधरिया के तुलतुल बागली (25) को दो अन्य युवाओं के साथ आल्फा मे भर्ती होने के लिए जाते समय पकड़ा था। कुलदीप के बयान के अनुसार अम्लान ज्योति कौशिक के फेसबुक के माध्यम से आल्फा मे जाने का फैसला लिया था। ऐसे कई फेसबुक पेज हैं जिनपर युवकों को संग्राम के लिए उकसाया जाता है। युवक धीरे धीरे आकृष्ट होता है तो उसे भर्ती के लिए तैयार किया जाता है। उसने यह भी बताया कि मनुष्य के जीवन में धन का बहुत महत्व है जो आल्फा मे जाने पर आसानी से उपलब्ध होता है। सरकार ने अगर युवकों को गुमराह करने वाले डिजिटल माध्यम पर रोक नहीं लगाती है तो शांतिवार्ता खटाई मे पड़ जाएगी।







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