गुवाहाटी। राइजर दल के अध्यक्ष तथा शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई के उप चुनाव में भाजपा द्वारा 50 करोड़ खर्च करने के आरोप पर असम सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि अखिल गोगोई रुपये के मायाजाल के बीच स्वयं को समेटे रखते हैं। एक उप चुनाव में 50 करोड़ खर्च करने की बात सुन थाउरा क्षेत्र के मतदाताओं को अच्छा नहीं लगेगा।
पीयूष हजारिका ने कहा कि यह थाउरा वासियों के लिए एक अपवाद है। अखिल गोगोई के कहे अनुसार भाजपा द्वारा 50 करोड़ खर्च करने जैसी कोई बात हो ही नहीं सकती और थाउरा वासियों का वोट कोई खरीद नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि थाउरा वासियों का वोट कोई सामग्री नहीं है। भाजपा इस क्षेत्र के लोगों से प्यार मांगते हुए विकास की बातें कर वोट मांग सकती है पर किसी के कहने मात्र से 50 या 100 करोड़ खर्च करने की बातें गलत है। मंत्री हजारिका ने कहा कि चूंकि, अखिल गोगोई को हार का पता चल चुका है इसलिए धुबरी और बरपेटा से लाए लोगों सहित 300 लोगों का जुलूस निकाल रहे हैं जबकि क्षेत्र में 1,15,000 मतदाता मौजूद हैं। मंत्री ने कहा कि हार सुनिश्चित जानकर ही अखिल अनाप-शनाप बोल रहे हैं।
राइजर दल और भाजपा समर्थकों में मारपीट होने के अखिल गोगोई के आरोपों के जवाब में पीयूष हजारिका ने कहा कि कहीं तू-तू-मैं-मैं हुई होगी, हाथापाई कहीं भी नहीं हुई है। विगत चुनावों में शुरू की गयी नई परंपरा राइजर दल द्वारा इस दफे शुरू करने का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा कि किसी एक पार्टी का शीर्ष नेता जहां प्रचार के लिए जाता है उस इलाके में पार्टी झंडा अथवा होर्डिंग रहता ही है पर विपक्ष ने पूर्व में ऐसी जगहों में अपना झंडा नहीं लगाया था।
उन्होंने कहा कि बीते दिन मुख्यमंत्री के पांच सभास्थल में राइजर दल ने भाजपा के झंडों के बीच अपने झंडे लगवा दिए थे। ऐसे में भाजपा समर्थकों का गुस्सा आना जायज है। उन्होंने कहा कि मारपीट या झगड़ा वे कतई नहीं चाहते और भविष्य में अखिल एवं उनके समर्थक ऐसी हरकतों से बाज आएं।
उन्होंने कहा कि असम में राजनीतिक प्रचार के दौरान झगड़ा मारपीट न करने की शुभ परंपरा रही है और उसका सम्मान करते हुए इस परंपरा को आगे भी बनाए रखने की वह अखिल व उनके समर्थकों से अनुरोध करते हैं।
कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा को उप चुनाव में प्रचार से दूर रखने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि विगत समय में तरुण गोगोई ने भी उप चुनावों में प्रचार किया था। दूसरी ओर डॉ सरमा जिस तरह से चाय बागान मजदूरों के साथ खेल मैदान में बैठकर खाना खा रहे हैं वैसे कांग्रेस के नेता मजदूरों से घुलमिल ही नहीं सकते हैं। वे मुख्यमंत्री से डरते हैं। चुनाव प्रचार को तीर्थ भ्रमण करार देने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मंत्री ने दावा किया कि थाउरा में 20 से 25 हजार मतों के अंतर में भाजपा की जीत तय है।
असम जातीय परिषद के नेता लुरिनज्योति गोगोई की आलोचना करते हुए मंत्री हजारिका ने कहा कि जातीयतावाद का राग अलापने वाले ये नेता अब कांग्रेस के कंधे पर चढ़ने लगे हैं। इनका भविष्य राज्यवासी देखेंगे। कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया और अखिल गोगोई के बीच गुप्त समझौते का आरोप मढ़ते हुए मंत्री हजारिका ने कहा कि कांग्रेस ने थाउरा में कमजोर उम्मीदवार खड़ा किया है। चुनावी गणित में माहिर देबब्रत सैकिया इसलिए स्वयं प्रचार के लिए न आकर मुख्यमंत्री को भी प्रचार से दूर रखने की मांग कर रहे हैं। (हि.स.)







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