गुवाहाटी। राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य आदि मामलों के मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने आज कहा कि नारियल का रेशा प्लास्टिक का बेहतर विकल्प है। इसे विकसित करके आने वाले दिनों में जैविक थैला आदि बनाया जा सकता है। गुरुवार को राजधानी के पंजाबारी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र प्रेक्षागृह में आयोजित नॉर्थ ईस्ट कयर एक्सपो का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने यह बातें कहीं।
इस अवसर पर नारियल उद्योग से जुड़े उद्यमियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि केरल में नारियल के रेशों का उपयोग करके व्यापक पैमाने पर राजस्व संग्रह का काम किया जा रहा है। इस दिशा में असम में बेहतर संभावनाएं हैं। साथ ही दक्षिण पूर्व एशिया के देशों का व्यापक बाजार असम के लिए खुला हुआ है।
इस अवसर पर समारोह को कयर बोर्ड के चेयरमैन डी कुप्पुरामु ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नारियल का रेशा भविष्य का फाइबर है। इस अवसर पर बागवानी बोर्ड एवं खाद्य प्रसंस्करण के निदेशक त्रिरंग भारतीय बोरा तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे।
समारोह के दौरान एजीसीएल का कैर्न ऑयल एंड गैस एवं इंद्रधनुष गैस ग्रिड इंडस्ट्रीज के साथ समझौता भी हुआ। औपचारिक रूप से मंत्री की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस अवसर पर कई विभागीय पदाधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।(हि.स.)







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