-असम बनेगा आत्मनिर्भर और 10 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य: सीएम
गुवाहाटी। गुवाहाटी के पांजाबारी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र स्थित अंतरराष्ट्रीय प्रेक्षागृह में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) और असम सरकार के बीच दुग्ध उत्पादन को लेकर मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा और केंद्रीय मत्स्य पालन, डेयरी, कृषि आदि मामलों के मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला भी मौजूद थे। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि अब आत्मनिर्भर असम का सपना साकार होने जा रहा है। राज्य प्रत्येक दिन दस लाख लीटर दूध उत्पादन करने की प्रक्रिया में जुट गया है। चरणबद्ध तरीके से राज्य में छह नयी मिल्क प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
डॉ. सरमा ने कहा कि एनडीडीबी और असम सरकार मिलकर 2000 करोड़ रुपए की लागत से नए-नए दुग्ध उत्पादन यूनिट लगाने के काम करेंगी। इससे न सिर्फ राज्य के एक लाख 75 हजार डेयरी किसान लाभान्वित होंगे, बल्कि असम की अर्थव्यवस्था भी इससे मजबूत होगी। इसके तहत राज्य में दो पशु चारा तथा जैविक उर्वरक के उत्पादन की इकाइयां भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यहां कृत्रिम तरीके से गर्भाधान कराकर पशु प्रजनन का कार्य भी किया जाएगा। साथ ही व्यापक पैमाने पर उच्च दुग्ध क्षमता वाली गायों का बाहर से आयात किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के डेयरी किसानों को सब्सिडी देगी, ताकि बाजार की प्रतिस्पर्धा में दुग्ध उत्पादक टिक सकें। डेयरी किसानों को मजबूत बनाकर राज्य की आमदनी को बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार दुग्ध उत्पादन के साथ ही मछली उत्पादन, मांस उत्पादन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, बकरी पालन जैसे परंपरागत पेशे को बढ़ावा देकर राज्य को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने की दिशा में गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का एमओयू असम की अर्थव्यवस्था में सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे राज्य की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद तथा पर व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी होगी।
डेरी उत्पादन में आत्मनिर्भरता से न सिर्फ असम आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, बल्कि राज्य की अपनी दूध की मांग भी पूरी हो सकेगी।
इस समारोह को मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री एवं असम के कृषि आदि मामलों के मंत्री अतुल बोरा ने भी संबोधित किया। जहां मिजोरम के पशुपालन मंत्री डॉ. के बेछुआ, एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनेश शाह समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य सम्मानित व्यक्ति उपस्थित थे।(हि.स.)







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