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पद्मश्री धनेश्वर इंग्ती मूलतः कवि, उनकी कविताएं कई भाषाओं में अनुवादित



गुवाहाटी । भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार के नाम घोषित किये गये हैं। जिसमें असम के दो प्रमुख हस्तियों को इस बार पद्मश्री पुरस्कार से लिए चयनित किया गया है। जिसमें धनेश्वर इंग्ती का नाम भी शामिल है। इंग्ती असल में एक कवि हैं। उनकी कविताएं अंग्रेजी और मलयालम भाषा में अनुवादित किये गये हैं। बलिमाही, इचिरकोना, कैंडल ऑफ लाईट उनकी उल्लेखनीय कविताओं की किताब हैं।


वे कार्बी स्वायत्तशासी परिषद के संयुक्त सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद धनेश्वर इंग्ती असम साहित्य सभा के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य भी थे। पद्मश्री सम्मान से सम्मानित होने के बाद उन्होंने कहा है कि असमिया भाषा में साहित्य चर्चा करने के लिए ही उनको यह सम्मान मिला है। उन्होंने कहा है कि अंग्रेजी न जानने से भी असमिया भाषा को जानना बहुत जरूरी है।

उन्होंने इस सम्मान के लिए अपने शिक्षा गुरु विशिष्ट साहित्यक रंग-बंग तेरांग, लेखक, साहित्यिक पवित्र बोरा को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा है कि अच्छा काम करने से उसका फल एक ना एक दिन अवश्य मिलता ही है। उन्होंने नई पीढ़ी को अच्छे काम करने का आह्वान किया।

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