मदन सिंघल
शिलचर शहर में कहीं भी कुङेदान ना होने के कारण लोग सङक के किनारे फुटपाथ पर कुङा डालने के लिए मजबूर है। जानीगंज जैसे मुख्य मार्ग पर हर समय गायों का जमावड़ा रहता है। गायें प्लास्टिक एवं गंदा कुङा खाती रहती हैं लेकिन हर समय आने जाने वाले लोगों एवं वाहनों के लिए खतरनाक है। हालांकि हर गली मुहल्ले में समितियों द्वारा ठेलों से सुबह सुबह घर घर से सामान्य रूपयों से कचरा उठाया जाता है। नगर पालिका की गाड़ी भी कुङा इक्कठा करके ले जाती है लेकिन लोग फुटपाथ एवं सङक पर दिनभर कचरा फेंकते रहते हैं। शहर में हर जगह कुङे का ढेर देखा जा सकता हैं। बरसात में कुङा बहकर सङकों पर फैल जाता है। नाले एवं फुटपाथ ठीक नहीं होने से कृत्रिम बाढ सोनाई रोड अंबिका पट्टी सहित अन्य रास्तों पर हो जाती है जिससे लोगों के घरों एवं दुकानों में पानी भर जाता है।







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