ओम प्रकाश तिवारी व राजेश राठी
आज लखीमपुर प्रेस क्लब में एक अनोखा संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया । जिसमें पुलिस विभाग के एक कांस्टेबल ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर थानेदार के दादागिरी के घटना को उजागर किया। थानेदार पर अपने ड्राइवर के साथ मिलकर उक्त कांस्टेबल को कमरे में बंद कर गला दबाने और पीटने का आरोप है ।
घटना लखीमपुर जिला के बीहपुरिया थाने की है ।जहां उत्पल बोरा थानेदार है। उल्लेखनीय है कि बिहपुरिया थाने में थानेदार के पद पर पदस्थ उत्पल बोरा ने उसी थाने में कार्यरत कॉन्स्टेबल प्रेमधर नरह को एक कमरे में बंद कर अपने ड्राइवर के साथ मिलकर पिटाई की। कांस्टेबल द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार 18 अप्रैल को बीहपुरिया के थानेदार उत्पल बोरा ने अपने गाड़ी चालक सीमांता बोरा के साथ उक्त कॉन्स्टेबल को एक कमरे में बंद कर उसकी गर्दन दबा कर उसके उसे बुरी तरह पीटा ।कॉन्स्टेबल के मुंह और गर्दन पर घाव के निशान देखे गए। कांस्टेबल ने लिखित रूप से इस घटना की सूचना लखीमपुर पुलिस अधीक्षक को दी ।लखीमपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही न करने और कांस्टेबल के आवेदन को अनसुना करने पर दुखी कांस्टेबल ने आज लखीमपुर प्रेस क्लब में संवाददाताओं को इस घटना की जानकारी दी । कॉन्स्टेबल द्वारा आयोजित किए गए इस संवाददाता सम्मेलन का उद्देश्य संवाद माध्यम के द्वारा थानेदार की इस प्रकार के अमानवीय व्यवहार के बारे में असम के मुख्यमंत्री तथा असम पुलिस के डीजीपी को अवगत कराने की है।
दूसरी तरफ थानेदार द्वारा अपने साथ काम करने वाले कॉन्स्टेबल पर इस प्रकार किए गया अमानवीय व्यवहार से क्षुब्ध कई दल संगठनों ने लखीमपुर में थानेदार उत्पल बोरा के पुतले जलाए तथा पुलिस प्रशासन द्वारा अति शीघ्र उन पर कार्यवाही करने की मांग की ।आम नागरिकों का कहना है कि अगर एक थानेदार अपने साथ कार्यरत कांस्टेबल के साथ इस प्रकार व्यवहार कर सकता है, तो वह आम जनता की सुरक्षा क्या करेगा यह सवाल है।











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