गुवाहाटी। असम में मॉडल गौशाला स्थापित करने के उद्देश्य से ध्यान फाउंडेशन को असम सरकार ने हाजो में 30 बीघा जमीन आवंटन की है। जिसमें ध्यान फाउंडेशन के तत्वाधान में गौशाला का निर्माण कार्य किया जाएगा।यह बातें हैं ध्यान फाउंडेशन के महावीर बागला ने गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में पत्रकारों की जानकारी के लिए कहीं।श्री बागला ने आगे कहा कि ध्यान फाउंडेशन ने 4 वर्ष पूर्व गोवंश को तस्करों से बचाने के लिए मेहनत, निस्वार्थ सेवा और अनंत समर्पण के साथ अपना कार्य शुरू किया था।अब तक फाउंडेशन ने 80 हजार से ज्यादा गायों को तस्करों के चंगुल से बचा चुके हैं। अति दयनीय हालत में ट्रकों में बेदर्द तरीके से ठूंसी गाई गायो को ध्यान फाउंडेशन ने उद्धार करके उन की समुचित व्यवस्था करने का काम किया है। गायो को पुनर्वास करने के लिए फाउंडेशन ने देश भर में कई गौशालाओं का निर्माण कराया है। पूरे देश में 47 गौशाला का निर्माण किया गया है।असम मे चौथी ध्यान फाउंडेशन गौशाला हाजो में स्थापित होगी ।असम के गोहपुर गौशाला में 1043, धुबडी गौशाला में 1100 गुवाहाटी गौशाला में 813 ओर हाउली गौशाला में 324 गायों को पुनः स्थापित किया गया है। उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा और पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।हाजो मे जल्द ही भूमि पूजन कर गौशाला निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा। अक्षय तृतीया के दिन प्रतीकात्मक रूप से सरकार द्वारा आवंटन जमीन पर दीप प्रज्वलित किया गया है। असम गौशाला में गायों को उनकी जरूरत के हिसाब से बांटा गया। सबसे ज्यादा बीमार गायों के लिए अलग से बड़ा तैयार किया गया है। फाउंडेशन बीएसएफ द्वारा बचाई गई गायों को आश्रय देने में प्राथमिकता देती है ।इन्हीं कोशिशों के फलस्वरूप भारत-बांग्लादेश सीमा पर गौ तस्करी 99% खत्म हो चुकी है और तस्कर अब धन तस्करी का धंधा छोड़ खेती-बाड़ी में जुट चुके हैं ।ध्यान फाउंडेशन समस्त भारतवर्ष में 45 से ज्यादा गौशाला के माध्यम से असहाय से अधिक गायों की देखभाल तथा जीव रक्षा एवं जीव दया कर पालन कर रहा है। पत्रकार सम्मेलन में गोविंद गाड़ोदिया जयशंकर फतेहपुरी, नंदिनी मातयानी और अजीत लोकरा भी मंच पर उपस्थित थे।










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