ओमप्रकाश तिवारी व राजेश राठी
अरुणाचल ने असम के सात किलोमीटर की सीमा में घुस कर बसाए गांव के गांव
लखीमपुर जिले में असम-अरुणाचल सीमा पर रंगा संग्रक्षीत वनांचल में आज भी तनाव जारी है। जिले के रंगा संग्रक्षीत वन क्षेत्र में कल अरुणाचल के उपद्रवियों और असम वन विभाग के बीच हुई गोलीबारी के बाद स्थिति कुछ शांत हुई है लेकिन अभी भी अंदर ही अंदर तनाव जारी है । यह घटना उस समय घटी जब रामपुर जोनल वन अधिकारी बनमाली नोरोह के नेतृत्व में एक गश्ती दल नियमित गश्त पर था और गश्त करते समय जब उन्होने देखा की अरुणाचल के लोग चोरी छिपे रंगा अभयारण्य के 3 नंबर बिलगढ़ में बेशकीमती पेड़ों की कटाई कर सड़क का निर्माण करने में लगे हुए थे। लखीमपुर वन अधिकारी को अपने गश्ती दल के साथ देखने के पश्चात असम की सीमा में चोरी छिपे घूस कर पेड़ो की कटाई कर रहे अरुणाचलि उपद्रवियों के होश उड़ गए और उन्होने आव देखा न ताव गश्ती लगा रहे लखीमपुर वन अधिकारी और उनके दल के ऊपर गोलीवारी शुरु कर दी। उसकी जवाबी कार्रवाई में जब लखीमपुर वन अधिकारी व उनके दल द्वारा गोलिबारी की गई तब अरुणाचली उपद्रवियों का दल वहां से दुम दबाकर भाग निकला। हालांकि गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ। गोपीनीय सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अरुणाचलि रंगा अभ्यारण्य छेत्र के अंदर घूस कर असम की लगभग 7 किमी सीमा में प्रवेश कर अपने कब्जे में ले चुकी है और वह लोग असम के मूल्यवान पेड़ों और जंगलों को एक के बाद एक काटने मे लगे हुए है। इतना ही नही अरुणाचली असम की सीमा में घूस कर मूल्यवान पेड़ों और जंगलों कोकटने के अलावा वहा पर एक के बाद एक गाँव स्थापित करते जा रहे हैं। जानकारी यह भी मिल रही है कि उनके इस अनैतिक कार्य में अरुणाचल प्रदेश की प्रशासन भी उन्हें बिजली और पेयजल आपूर्ति योजनाओं के साथ प्रोत्साहित कर रही है।अरुणाचल ने लारा बस्ती,2 नंबर बेल बस्ती, इत्यादि जैसे कई गांवों का निर्माण पहले ही पूरा कर असम की भूमि पर कब्जा जमा रखा है। इतना ही नही अरुणाचल ने रामपुर और राजगढ़ जैसे गांवों के बड़े क्षेत्रों पर भी अपना कब्जा जमा कर वहां पर खेती बाड़ी करने के अलावा बस्ती इलाका इत्यादि का भी निर्माण किया जा चुका है। असम अरूणाचल की सीमा में बसे असम के गांवों में रह रहे लोग भयभीत हो कर अपना जिवन ज्ञापन करने को मजबूर हो रहे है।







कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें