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सच हुआ केजरीवाल का डर: पांच जुलाई को ही कहा था-अगस्त में गिरफ्तार होंगे मनीष

 


सीबीआई की टीम दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास सहित आबकारी नीति मामले में दिल्ली-एनसीआर में 21 स्थानों पर कार्रवाई कर रही है। मनीष सिसोदिया पर सीबीआई की कार्रवाई की आशंका अरविंद केजरीवाल ने पांच जुलाई विधानसभा सत्र के दौरान जाहिर की थी। पांच जुलाई को दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए सीएम केजरीवाल ने भाजपा पर जमकर हमला बोला था। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की फिल्म दीवार के चर्चित डायलॉग का जिक्र कर भाजपा पर तंज कसा था।


दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये लोग धमकी दे रहे हैं कि अगस्त अंत तक मनीष सिसोदिया को भी गिरफ्तार करेंगे। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के 18 लाख बच्चों का भविष्य बनाया है। आपके 19 राज्य के स्कूल एक तरफ और दिल्ली के स्कूल एक तरफ। कहा कि ईडी ने पिछले हफ्ते हमारे एक कार्यकर्ता से दस घंटे तक पूछताछ की थी।


इसके बाद दीवार फिल्म का जिक्र करते और भाजपा पर तंज सकते हुए केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के ईडी है, आयकर विभाग है, सीबाआई है, दिल्ली पुलिस है लेकिन दिल्ली के पास उनका बेटा केजरीवाल है। इस बात को दिल्ली की जनता अच्छी तरह जानती है।


आबकारी नीति मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास समेत 21 जगहों पर सीबीआई की छापेमारी चल रही है। आबकारी नीति मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के आवास समेत 21 जगहों पर सीबीआई की छापेमारी चल रही है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर जानकारी दी कि सीबीआई आई है, जिसका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसीलिए हमारा देश अभी तक नंबर-1 नहीं बन पाया है।


दरअसल एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने इन प्रावधानों की अनदेखी की है।

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