ज्योति खाखोलिया
डिब्रूगढ़। डिब्रूगढ़ पशु अधिकार कार्यकर्ता विनीत बगड़िया आत्महत्या मामले के मुख्य आरोपियों में से एक संजय शर्मा ने तीन सप्ताह तक पुलिस को धोखा देने के बाद आज डिब्रूगढ़ में सीजेएम अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डिब्रूगढ़ की अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए संजय शर्मा।
एनिमल वेलफेयर पीपल (एडब्ल्यूपी) के सह-संस्थापक विनीत बगड़िया ने 7जुलाई को डिब्रूगढ़ में शनि मंदिर रोड स्थित अपने आवास पर फांसी लगा ली थी। अपनी मृत्यु से पहले डिब्रूगढ़ शहर में H2O बार के मालिक विनीत ने अपने सेल फोन पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने बैदुल्लाह खान, संजय शर्मा और निशांत शर्मा पर किराये की संपत्ति के एक टुकड़े को लेकर उन्हें और उनके परिवार को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। विनीत के पिता कैलाश कुमार बगड़िया ने 7जुलाई ,गुरुवार शाम डिब्रूगढ़ पुलिस स्टेशन में अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार तीन लोगों का नाम लेते हुए एक प्राथमिकी दर्ज की थी। विनीत की मौत से शहर में व्यापक आक्रोश फैल गया था क्योंकि वह अपने मददगार स्वभाव के लिए काफी लोकप्रिय था। उन्हें अक्सर डिब्रूगढ़ की गलियों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाते और परित्यक्त और बीमार जानवरों की देखभाल करते देखा जाता था।पुलिस ने इससे पहले बैदुल्लाह खान और निशांत शर्मा को गिरफ्तार किया था।







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