आज फ्रेंडशिप डे है। हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे यानी मित्रता दिवस मनाया जाता है। भारत समेत कई देशों में लोग दोस्ती के इस खास दिन को धूमधाम से मनाते हैं। नाम से ही स्पष्ट है फ्रेंडशिप डे यानी ऐसा दिन जो दोस्ती के नाम समर्पित है। मदर्स डे या फादर्स डे की तरह की फ्रेंडशिप डे को मनाने की परंपरा सालों पहले शुरू हुई। दो दोस्तों की दोस्ती को पूरी दुनिया ने सलाम किया और इस दिन को उन दोनों की दोस्ती के नाम समर्पित कर दिया। इस दिन लोग अपने दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं, घूमते फिरते हैं और अपनी दोस्ती को सेलिब्रेट करते हैं। लेकिन फ्रेंडशिप डे मनाने वाले लोगों के मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि दोस्तों के लिए एक खास दिन समर्पित करने के पीछे क्या वजह थी? सबसे पहले फ्रेंडशिप डे कब और क्यों मनाया गया? अगली स्लाइड्स में 7 अगस्त 2022 को अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस मनाने से पहले जानिए इस दिन का इतिहास और फ्रेंडशिप डे से जुड़ी रोचक बातें।
पहली बार कब मनाया गया फ्रेंडशिप डे?
सबसे पहले मित्रता दिवस साल 1935 में मनाया गया था। इस दिन को अमेरिका में अगस्त के महीने में मनाया गया। दोस्ती के प्रतीक के तौर पर फ्रेंडशिप डे मनाने की शुरुआत हुई, जिसके बाद हर साल मित्रता दिवस के रूप में इस दिन को दुनियाभर में मनाया जाने लगा।
फ्रेंडशिप डे मनाने के पीछे की वजह?
फ्रेंडशिप डे को मनाने की दिलचस्प कहानी है। अमेरिका में 1935 में अगस्त के पहले रविवार के दिन एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। कहा जाता है कि इस हत्या के पीछे अमेरिकी सरकार थी। जिस व्यक्ति की मौत हुई थी, उसका एक प्रिय मित्र था। जब दोस्त की मौत की सूचना मिली तो वह बहुत हताश हो गया। दोस्त के जाने के गम में उस शख्स ने भी आत्महत्या कर ली।
फ्रेंडशिप डे का महत्व
हर व्यक्ति की जीवन में कोई न कोई दोस्त जरूर होता है। दोस्ती की न तो उम्र होती है और न ही लिंग व राष्ट्रभेद। दोस्ती की भावना विश्वास, एकजुटता और खुशहाली को प्रोत्साहित करती है। ऐसे में दोस्ती का महत्व जितना जरूरी है, उतना ही इस महत्व को हर दोस्त को महसूस कराना। इसलिए हर साल दोस्ती दिवस मनाया जाता है।







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