गुवाहाटी। पारीक सभा, गुवाहाटी के तत्वावधान मे आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम नानी बाई रो मायरो कथा का शुभारंभ ब्राह्मण भवन मे किया गया। कथा वाचक पंडित कैलास सारस्वत ने भगवान के अनन्य भक्त नरसी मेहता की भक्ति साधना पर श्रीकृष्ण कृपा का वृतांत सुनाया। उन्होंने लोभ मोह माया से दूर रहकर भगवती को ही उद्धार का मार्ग बताया।सुंदर प्रसंग में उन्होने कहा की आंख को हरि दर्शन के लिए कान को ज्ञान प्राप्ति के लिए हाथों को दान के लिए ईश्वर ने बनाया है। अतः सभी भक्तजन इसका लाभ उठाकर जीवन सार्थक करें। कथा के शुभारंभ में मुख्य यजमान शिवभगवान शर्मा एव विनोद शर्मा ने सपत्नीक गोहाटी गौशाला मे हनुमान मंदिर मे दर्शन के साथ साथ गो पुजन किया।मुख्य यजमान ने बैड बाजे के साथ व्यास पीठ का पूजन एवं मायरा कथा ग्रंथ का पूजन किया। पारीक सभा के अध्यक्ष मदन पारीक एव उपाध्यक्ष द्वय शिवकुमार पारीक एव परेश पारीक ने कथा वाचक पंडित कैलाश सारस्वत का एव श्याम सुन्दर पारीक व गिरधारीलाल पारीक ने सहयोगी कलाकारो का स्वागत किया। पंडित सारस्वत ने कथा के प्रथम दिन में अनेक भक्तिभाव के प्रंसग बताए एव भजन के माध्यम से कथा पर प्रकाश डाला । कथा के माध्यम से उन्होने बताया कि नरसीजी का बाहर का भाव था कि, ठाकुर आयेगें तो मायरा भर जाएगा और अंदर का भाव था कि इस बहाने मुझे ठाकुर के दर्शन हो जाएंगे।कार्यक्रम संयोजक अमित पारीक एव प्रदीप पारीक ने बताया की कथा के प्रथम दिवस समाज बन्धुओ मे जबरदस्त उत्साह रहा। कथा मे नन्हे बच्चो ने झाँकी के माध्यम से कथा स्थल का वातावरण पूर्णतया धार्मिक बना दिया।सयुंक्त सचिव मुकेश पारीक ने बताया की तीन दिवसीय इस धार्मिक कार्यक्रम मे समाज की एकजुटता एव समरसता का भाव रखते हुए सर्वसमाज को आमंत्रित किया गया है।







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