छोटी और सूखी मछली का पावडर बच्चों का पोषण बढ़ाने में विशेष लाभकारी: उपायुक्त कीर्ति जल्ली
रंगिया/ अमिनगांव। 'सबल नारी, स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ भारत' के उद्देश्य से शुरू किए गए राष्ट्रीय पोषण माह-2022, पालन के हिस्से के रूप में कामरूप जिला प्रशासन द्वारा तथा ओसीएल, मत्स्य विभाग, ए आरआई ए एस सोसाइटी के सहयोग से कामरूप जिला के अंतर्गत छगाँव खण्ड में "मत्स्य परिपुष्टी" नामक एक परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना के लिए छगाँव प्रखंड के 200 आंगनबाडी केन्द्रों का चयन किया गया है। और इसके द्वारा 3 से 6 वर्ष की आयु के लगभग 7000 बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि सभी बच्चों के आहार में प्रोटीन, विटामिन और विभिन्न खनिजों से भरपूर सुखी मछली के पाउडर को शामिल करके कुपोषण की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की गई है। छगाँव खण्ड के 2 नम्बर कुकुरमारा आँगनबाड़ीकेंद्र में आयोजित "पोषण माह" कार्यक्रम में जिला उपायुक्त कीर्ति जल्ली, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा सहायक आयुक्त सेहनाब साहिन और सहयोगी संस्थाओ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में इस परियोजना का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए कीर्ति जल्ली ने सभी संबंधित पक्षों से इस महान प्रयास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने उल्लेख किया कि कुपोषण सभी बच्चों के लिए एक विकासात्मक बाधा है, बच्चों की खाद्य सूची में सूखे मछली के पाउडर सहित इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छगाँव खण्ड के पायलट प्रकल्प के रूप में प्रारंभ की गई यह परियोजना आने वाले समय में जिले के अन्य अंचलों में सम्प्रसारित की जाने की जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दी गई है।







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