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कामरूप जिले में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

अरुणा अग्रवाल

शिक्षक समाज की रीढ़ की हड्डी है : कीर्ति जल्ली, उपायुक्त, कामरूप (ग्रामीण)

रंगिया/ अमिनगांव। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ आज कामरूप जिले में शिक्षक दिवस मनाया गया।  इस अवसर पर कामरूप जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग, कामरूप के तत्वावधान में एकीकृत उपायुक्त कार्यालय, कामरूप, अमिनगांव के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की शुरुआत में, कीर्ति जल्ली ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक और शिक्षाविद् डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की छवि पर पुष्पांजलि अर्पित की।  इस अवसर पर जिले के 16 सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।  उपायुक्त, कामरूप द्वारा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ "कामरूपिका" और डिजिटल संस्करण "गुरु बरता" नामक एक स्मारिका का भी औपचारिक विमोचन किया गया।
उपायुक्त, कामरूप कीर्ति जल्ली ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह सबसे अच्छे अवसरों में से एक है जहां हम अपने शिक्षकों को सम्मान देते हैं और समाज के प्रति उनके योगदान को पहचानते हैं।  अध्यापन समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा- "शिक्षक समाज की रीढ़ की हड्डी हैं। चूंकि राष्ट्र का भविष्य शिक्षक के हाथ में होता है, इसलिए यह एक शिक्षक का नेक कर्तव्य है जो छात्र की कोमल उम्र में मूल्यों को स्थापित कर सकता है।"  उन्होंने शिक्षण समुदाय से भी अपील की कि वे अपने छात्रों को पुस्तक पढ़ने और लिखने के कौशल की आदत के लिए नवीन कौशल का सहारा लेकर आकर्षित करें।  यह कहते हुए कि "एक शिक्षक हमेशा शिक्षक होता है" - उन्होंने देश के गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधनों को ढालने में शिक्षण समुदाय की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
     कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दुलुमोनी गोस्वामी, शिक्षा विभाग के प्रोफेसर, गौहाटी विश्वविद्यालय ने शिक्षक दिवस के पालन के महत्व पर व्यापक रूप से प्रकाश डाला।  महत्व को विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा- "शिक्षक सामाजिक इंजीनियर और समाज के वास्तविक वास्तुकार हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि दार्शनिक और शिक्षक सह-संबंधित हैं।  यह कहते हुए कि बिना दर्शन के कोई भी एक अच्छा शिक्षक नहीं बन सकता, उन्होंने शिक्षण समुदाय से आज की दुनिया के बदलते परिदृश्य से खुद को लैस करने का आग्रह किया, जहां ज्ञान, सूचना और मानवीय अपेक्षाओं का विस्फोट हर पल हो रहा था।  प्रदेश में और अधिक बी.एड महाविद्यालयों की स्थापना हेतु कदम उठाकर शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार की सक्रिय भूमिका की भी सराहना की। 
       इस अवसर पर सहायक उपायुक्त कामरूप कमल बरुआ, स्कूल निरीक्षक कामरूप अपूर्व ठाकुरिया, अध्यक्ष कामरूप जिला पत्रकार संघ मधुसूदन मेधी ने भी अपने विचार रखे।

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