गुवाहाटी। फैंसी बाजार एमएस रोड स्थित साधना मंदिर में राष्ट्रीय संत नवराज प्रपन्न जी महाराज के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा से हुआ। इस अवसर पर गुवाहाटी गौशाला से आठगांव होते हुए साधना मंदिर तक आयोजित कलश यात्रा में सौ से भी अधिक महिलाएं पीली साड़ी पहनकर कलश यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा में श्री राम, सीता, हनुमान और शिव शंकर की जीवंत झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही। इससे पहले मुख्य यजमान जगदीश प्रसाद अगरवाला ने धर्म पत्नी विमला देवी अग्रवाल के साथ गौशाला हनुमान मंदिर में भागवत पुस्तक की पूजन की एवं व्यास गुरु नवराज प्रपन्न जी महाराज से आशीर्वाद लेकर भागवत को मस्तक पर धारण कर कथा स्थल पर व्यास पीठ पर स्थापना की। इस कार्य में उनके पुत्र राजकुमार और पुत्रवधू प्रियंका ने भी सहयोग दिया। इस अवसर पर बोलते हुए व्यास गुरु नवराज प्रपन्न जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत सर्वोपरि ग्रन्थ है। यह ऊर्जा बढ़ाने वाला ग्रंथ है तथा जीवन को मंगल करने वाला ग्रंथ है। जिस घर में श्रीमद् भागवत की कथा होती है वह घर परिवार धन्य हो जाता है। भागवत एक ग्रंथ न होकर श्री कृष्ण भगवान का साक्षात वांग्मयी स्वरूप है। जो इसकी कथा करवाते हैं वह सात पीढ़ियों तक अपने पूर्वजो का उद्धार कर देते हैं। भागवत से पहले मंगल कलश यात्रा करने की परंपरा है। क्योंकि यह एक शुभ लक्षण माना जाता है। इसी कारण कलश यात्रा के साथ भागवत का आगमन भी कथा स्थल तक होता है ।आज प्रथम दिन साधना मंदिर में श्रद्धालुओं ने काफी संख्या में भागवत श्रवण कर पुण्य लाभ उठाया।







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