लखीमपुर। लखीमपुर के हस्त ताँत व सिल्क विभाग के सहायक संचालक ने एक आदेश जारी कर आम जनता को अवगत कराया है कि लखीमपुर में मशीन से बनाए गए गमछा, मेखला- चादर, दखना, फनेक, की बिक्री पर पूरी तरह रोक होगी। लखीमपुर जिले के सभी कपड़ा के व्यापारियों के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को यह जानकारी दी गई है की हैंडलूम अधिनियम 1985 के अनुसार असम के बाहर से मशीन द्वारा बनाए गए गमछा , मेखला- चादर, दखना, फनेक, की बिक्री असम में निषिद्ध है। इसलिए सभी कपड़े के व्यापारियों से इस प्रकार के कपड़े बिक्री नहीं करने का अनुरोध किया गया है ।इसे नहीं मानने वाले पर कानूनी व्यवस्था सरकार द्वारा ग्रहण की जाएगी। दूसरी तरफ वस्त्र व्यापारियों से अनुरोध किया गया है की स्थानीय लोगों द्वारा हाथ से बनाए गए इन कपड़ों को अपने व्यापार में शामिल कर बिक्री करें। ताकि इन कपड़ों को उत्पादित करने वाले स्थानीय लोगों के विकास के साथ-साथ असम के विकास में यहां के कपड़े व्यापारियों का सहयोग हो सके।








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