गुवाहाटी। कामरूप मेट्रो जिला और सत्र अदालत ने बुधवार को सन 2017 में असम को झकझोर देने वाले श्वेता अग्रवाल हत्याकांड में दोषी गोविंद सिंघल की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। इससे पहले एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गोविंद सिंघल को श्वेता अग्रवाल हत्याकांड मे दोषी ठहराया था और उसे मौत की सजा सुनाई थी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय की ओर से निचली अदालत में मामले की फिर से सुनवाई का फिर से आदेश देने के बाद गुवाहाटी में कामरूप मेट्रो जिला और सत्र न्यायालय ने इस मामले की फिर से कोशिश की गई। गौरतलब है कि गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने श्वेता अग्रवाल हत्या मामले में गोविंद सिंघल की मां और बहन को भी बरी कर दिया था। के सी दास कॉमर्स कॉलेज में बीकॉम पांचवें सेमेस्टर की छात्रा श्वेता अग्रवाल का जला हुआ शव 4 दिसंबर 2017 को गुवाहाटी महानगर के भरलूमुख इलाके में गोविंद सिंहल के किराए के आवास के बाथरूम में मिला था। श्वेता अग्रवाल 2015 में 12वीं कक्षा की परीक्षा में कॉमर्स स्ट्रीम मे स्टेट टॉपर थी। गोविंद सिंहल ने अपराध कबूल कर लिया था और पुलिस को हत्या से पहले और बाद की परिस्थितियों के बारे में बताया था और बताया था कि किस तरह उसने बाद में लाश को बोरी में डालकर और फिर जलाकर हत्या को छुपाने की कोशिश की थी।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें