टूटा बैंक का ताला पर हाथ लगी वैजयंती माला
लखीमपुर से राजेश राठी और ओम प्रकाश तिवाड़ी की रिपोर्ट
लखीमपुर। लखीमपुर शहर के मध्य स्थित असम ग्रामीण विकास बैंक मैं कल रात चोरों के दल ने चोरी कर मालामाल बनने के उद्देश्य से बैंक के ताले तोड़कर किया बैंक में प्रवेश। बैंक में अपना हाथ साफ करने गए चोरों के आतंक से लखीमपुर जिले के आम लोगों में अपनी जान माल की सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत मध्य रात्रि लखीमपुर शहर के मध्य स्थित असम ग्रामीण विकास बैंक का चोरों ने तोड़ा ताला लेकिन उनके हाथ लगी वैजयंती माला। जिस हौसले और पराक्रम के साथ कल मध्यरात्रि जब चोरों ने बैंक के मुख्य द्वार का ताला तोड़ा उसके पश्चात बैंक के अंदर की अलमारी व अन्य ताले तो बड़ी ही चतुराई से तोड़े लेकिन जब कुबेर का खजाना अर्थात क्लॉक रूम का ताला तोड़ने की बारी आई तब उक्त चोरों के दल से भारी चूक हो गई जिसकी वजह से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। क्योंकि जब उन्होंने क्लॉक रूम के ताले को तोड़ने का प्रयास किया तभी वहां पर या तो कोई भारी-भरकम सामान गिर गया था या फिर जो हथोड़ा या हथियार जिसकी मार दरवाजे पर लगे ताले पर पढ़नी थी वह मार निशाना चूकने के कारण दीवार या दरवाजे पर पड़ गई जिसके फलस्वरूप जोर की आवाज हुई जिसको सुनकर उस बिल्डिंग के ऊपर और नीचे रहने वाले लोगों की निंद टूट गई। आवाज होने के कारण जब चोरों को यह एहसास हुआ कि बिल्डिंग के ऊपर नीचे रहने वाले लोग जग गए हैं तो भयभीत होकर चोरों को वहां से अपना काम अधूरे में ही छोड़कर नौ दो ग्यारह होना पड़ा। जिसके कारण असम ग्रामीण विकास बैंक बाल बाल लुटने से बच गया। आम चर्चा का विषय है कि असम ग्रामीण विकास बैंक के प्रबंधक की लापरवाही। बैंक के प्रवेश द्वार के गलियारे पर सीसीटीवी कैमरा नहीं था। चोर अंदर घुसे उस वक्त का भी सीसीटीवी फुटेज नहीं पाया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि सीसीटीवी कैमरे का पावर पावर बैकअप खराब था ।लोगों की संपत्ति को धरोहर के रूप में रखने वाले अगर बैंक में इस तरह की लापरवाही की जाए तो उस बैंक प्रबंधक पर आम जनता कैसे विश्वास करेगी।









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